चंद्रपुर: जिवती के किसानों को भी मिलेगा योजनाओं का लाभ, CM फडणवीस ने दिए ऑफलाइन सातबारा जारी करने के निर्देश
Jivati Farmers Relief: चंद्रपुर जिले के जिवती तहसील में वन भूमि पर खेती करने वाले किसानों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कार्रवाई के निर्देश दिए।
- Written By: केतकी मोडक
मुंबई समीक्षा बैठक (सोर्स- फोटो नवभारत)
Forest Land Cultivation Meeting In Mumbai: चंद्रपुर जिले के जिवती तहसील में वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भूमि पर खेती करने वाले किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधानमंडल के मंत्रिमंडल सभागार में जिवती तहसील के वन पट्टों से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में वन मंत्री गणेश नाईक, आदिवासी विकास मंत्री तथा चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री अशोक उईके, विधायक देवराव भोंगले, राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव विकास खारगे, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव मिलिंद म्हैसकर, चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत, राजुरा के उपविभागीय अधिकारी रविंद्र माने सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
क्यों नहीं मील रहा डिजिटल सातबारा
बैठक में बताया गया कि जिवती तहसील के कई गांवों की जमीन राजस्व अभिलेखों (रिकॉर्ड) में ‘गांव क्षेत्र’ के रूप में दर्ज है, जबकि वन विभाग के रिकॉर्ड में वही क्षेत्र ‘आरक्षित वन क्षेत्र’ के रूप में दर्शाया गया है। इस विसंगति के कारण किसानों को डिजिटल सातबारा (7/12) और पीएम किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए जाएं
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 1980 से पूर्व की भूमि के संबंध में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने पर उन्हें वन क्षेत्र से बाहर करने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत सरल है, जबकि वर्ष 1980 के बाद की भूमि के लिए वन संरक्षण कानून के तहत अलग से केंद्र सरकार की मंजूरी आवश्यक होती है। पर्याप्त दस्तावेजों के अभाव में कई पुराने प्रस्ताव निरस्त हो रहे हैं।
जीवती के किसानो को मिलेगा ऑफलाइन सातबारा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए कि संबंधित जमीनों को वन क्षेत्र से बाहर करने के लिए आवश्यक होने पर सुप्रीम कोर्ट में भी राज्य सरकार की ओर से उचित कानूनी पक्ष रखा जाए। साथ ही, संबंधित गांवों का नए सिरे से सर्वेक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जाएं।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन किसानों को तकनीकी कारणों से डिजिटल सातबारा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, उन्हें ऑफलाइन सातबारा जारी कर पीएम किसान सहित अन्य सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश
बैठक में जिवती तहसील के तेलंगाना सीमा से लगे 14 गांवों की कृषि भूमि के अधिकार निर्धारित कर सातबारा तैयार करने तथा उन्हें सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने संबंधी विभागीय आयुक्त समिति की सिफारिशों पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, बस स्टैंड, सिंचाई (सिंचन) तालाब, नगर पंचायत क्षेत्र के विकास कार्य तथा अन्य मूलभूत नागरिक सुविधाओं से जुड़े लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान निकालने के निर्देश दिए।
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बैठक में यह भी बताया गया कि तहसील में कोतवाल पदों के सृजन (भर्ती) की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस अवसर पर विधायक देवराव भोंगले ने जिवती तहसील की वन भूमि से जुड़े मामलों पर शीघ्र निर्णय लेकर स्थानीय किसानों को तत्काल राहत देने का आग्रह किया। बैठक की शुरुआत में चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत द्वारा पूरे विषय का सविस्तार प्रस्तुतीकरण किया गया।
