वरोरा नगर परिषद ने SDM के आदेश दिखाया ठेंगा, सड़क पर डटे रहे मवेशी, पुलिस बैठक के निर्देश भी नाकाम

Chandrapur News: SDM के आदेश के बावजूद गणेशोत्सव के दौरान वराेरा की सड़कों पर आवारा मवेशियों का जमावड़ा रहा। पुलिस अधीक्षक की बैठक में साफ निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
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वरोरा की सड़क पर खड़े मवेशी (फोटो नवभारत)
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Chandrapur Stray Cattle Issue: हर साल की तरह इस साल भी गणेश मंडलों की समस्या सुनकर उसपर उपयोजना करने तथा गणेशोत्सव के पहले प्रशासन की पुख्ता तैयारी को लेकर पुलिस अधीक्षक की अध्यक्षता से सिद्धिविनायक हॉल में आयोजित मिटिंग में SDM ने वरोरा नगर परिषद को गणेशोत्सव के दौरान आवारा मवेशियों के बंदोबस्त के आदेश दिये थे। किंतु दिन रात सडकों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगता है और वरोरा नगर परिषद एसडीएम के आदेश को ठेंगा दिखा रहे है।

गणेशोत्सव के पहले शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सांसद प्रतिभा धनोरकर, एसडीएम अमर राउत, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, एसडीपीओ संतोष बकाल, तहसीलदार योगेश कौटकर, थानेदार अजिंक्य तांबड़े, महावितरण के उपभियंता बदखल, लालसरे, नप स्वच्छता निरीक्षक बिरिया, नप निर्माणकार्य अभियंता तथा गणेश मंडल के पदाधिकारी, अनेक सामाजिक संगठन पदाधिकारी, पुलिस पाटिल,राजकीय पदाधिकारी, व अनेक महिला, पुरुष उपस्थित थे।

इस बैठक के दौरान पुलिस द्वारा गणेश मंडलों की समस्याएं पूछने पर अनेकों ने आवारा मवेशियों को नियंत्रित करने और शहर में व्याप्त समस्याओ की ओर विशेष ध्यानाकर्षण किया। नप संबंधित समस्याएं सुनकर सांसद प्रतिभा धनोरकर ने इस मिटिंग में नगर परिषद की मुख्याधिकारी डॉ. विशाखा शेलकी की अनुपस्थिति पर नाराजी व्यक्त कर जनता की समस्याएं हल करने की अपील उपस्थित अधिकारियों से की थी।

एकडीएम ने नगर परिषद को दिए थे आदेश

एसडीएम ने नगर परिषद के उपस्थित अधिकारियों को आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के आदेश दिये थे। लेकिन शहर की सडकों को देखा जाये तो आवारा मवेशी घुम रहे है। इससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन में कार्यरत लोग ही वरिष्ठ अधिकारियों ने दिए निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे है।

आवारा पशुओं से होती है भारी परेशानी

विशेष रुप से बरसात के दिनों में अनेक मवेशी सडकों पर बैठे, घूमते दिखाई देते है। इनकी वजह से वाहन चालकों को भारी असुविधा होती है। शहर से चंद्रपुर-नागपुर महामार्ग गुजरता है ऐसे में मवेशी सडकों पर डेरा डाले रहते है ऐसे में छोटे वाहन वाले तो निकल जाते है। किंतु भारी वाहन चालकों को नीचे उतरकर मवेशियों को सडक से हटाना पड़ता है।

इसके उपाय के रुप में नगर परिषद और नगर पंचायत आवारा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस में बंद कर पशुपालकों से जुर्माना वसूल करते है। बार बार इस प्रकार पशुओं को छोडने पर उनके खिलाफ मामला भी दर्ज करते है। किंतु वरोरा नगर परिषद में इस प्रकार की कोई व्यवस्था न होने की चर्चा नागरिकों में हो रही है अब देखने की बात यह है कि गणेश विसर्जन के पहले जनता ने सुझाई समस्याओं पर एसडीएम क्या कदम उठाते है इस ओर जनता की नजरे लगी हुई है।

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