
कपास बिक्री (सौजन्य-नवभारत)
Cotton Purchase News India: भारतीय कपास निगम लिमिटेड (सीसीआई) ने इस वर्ष भी कपास खरीद की सीमा प्रति हेक्टेयर 30 क्विंटल से अधिक रखने का प्रस्ताव स्वीकार किया है। इस संदर्भ में शीघ्र ही आधिकारिक आदेश जारी होगा,जिसका सीधा लाभ चंद्रपुर और यवतमाल जिलों के कपास उत्पादक किसानों को होगा।
गौरतलब है कि, महाराष्ट्र कृषि विभाग ने इस वर्ष कपास की उत्पादकता प्रति हेक्टेयर 12.80 क्विंटल मानते हुए इस संदर्भ में विपणन मंत्रालय की ओर से केंद्रीय वस्त्रोद्योग मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेज दिया था। इस प्रस्ताव के बाद भारतीय कपास निगम लिमिटेड ने वर्तमान सीजन के लिए कपास खरीद की सीमा प्रति हेक्टेयर 13.57 क्विंटल घोषित की थी।
जिससे चंद्रपुर एवं यवतमाल जिलों के कपास उत्पादक किसानों में निराशा फैल गयी थी। वस्तुतः उपरोक्त जिलों में कपास का अच्छा उत्पादन होता है, इस जिले में किसान प्रति हेक्टेयर न्यूनतम 25 से अधिकतम 40 क्विंटल तक कपास का उत्पादन लेते है।
इस संदर्भ में स्थानीय विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने कपास उत्पादक किसानों को होने वाले संभावित नुकसान से बचाने के लिए पहल करते हुए भारतीय कपास निगम द्वारा घोषित कपास खरीद सीमा चंद्रपुर और यवतमाल जिलों के किसानों के लिए नुकसानदेह होने की बात कहते हुए यह सीमा पिछले वर्ष की तरह ही बरकरार रखने की मांग मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से की थी।
इस संबंध में उन्होंने सीसीआई के निदेशक से भी कपास खरीद की सीमा बढ़ाने का आग्रह किया था। इस संदर्भ में अब मुख्यमंत्री फडणवीस के कहने पर भारतीय कपास निगम लिमिटेड ने यह सीमा बढ़ाने की दृष्टि से सकारात्मक रुख अपनाया है।
मुख्यमंत्री फडणवीस को भेजे पत्र में विधायक मुनगंटीवार ने बताया था कि, महाराष्ट्र कृषि विभाग ने वर्तमान वर्ष 2025 के सीजन में कपास की उत्पादकता 12.80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मानकर विपणन मंत्रालय के माध्यम से केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी है।
तदनुसार, सीसीआई ने चालू सीजन के लिए 13.57 क्विंटल प्रति हेक्टेयर कपास खरीद सीमा की घोषणा की है। हालाँकि, वास्तव में, चंद्रपुर और यवतमाल जिलों में किसानों को प्रति हेक्टेयर औसतन 25 से 40 क्विंटल कपास मिल रहा है, जिससे किसानों के लिए सीसीआई के माध्यम से कपास बेचने में बड़ी समस्या पैदा हो गई है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री को इस बात से भी अवगत कराया था कि, पिछले वर्ष 2024 में, सीसीआई ने इन दोनों जिलों के लिए कपास खरीद के लिए 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की सीमा घोषित की थी। तदनुसार, किसानों ने कपास बेचने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी चूंकि चालू सीजन के लिए प्रति हेक्टेयर क्विंटल की सीमा बहुत कम है, इसलिए किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने मुख्यमंत्री से चालू वर्ष के लिए भी 30 से 40 क्विंटल प्रति हेक्टेयर कपास खरीद सीमा घोषित करने का अनुरोध किया था।
उन्होंने यह भी बताया था कि, चालू सीजन 2025 में निर्धारित सीमा से अधिक उत्पादन करने वाले कपास किसानों के पास शेष कपास को एमएसपी से कम कीमत पर व्यापारियों को बेचने का समय नहीं होगा। इस संबंध में, प्रशासन को सीसीआई के माध्यम से कपास खरीद की सीमा पिछले वर्ष की तरह बनाए रखने का आदेश दिया जाना चाहिए ताकि चंद्रपुर और यवतमाल जिलों के कपास किसानों के साथ अन्याय न हो।






