

विसापुर के सन्मित्र सैनिक स्कूल में कक्षा छठी के छात्र जीवन झरेकर की मौत।
12 वर्षीय छात्र चंद्रपुर जिले की राजुरा तहसील के खमाडा गांव का निवासी था।
पुलिस जांच में मौत आत्महत्या से होने की बात सामने आई।
तबीयत खराब होने पर स्कूल ने पिता को बुलाकर छात्र को घर ले जाने की सलाह दी थी।
स्कूल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया; पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
Sainik School Student Suicide: चंद्रपुर जिले के विसापुर स्थित सन्मित्र सैनिक स्कूल के छात्रावास में कक्षा छठी के 12 वर्षीय छात्र जीवन झरेकर की मौत हो गई। पुलिस जांच में आत्महत्या की बात सामने आई है। मामले में स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि प्राचार्य ने इन आरोपों को खारिज करते हुए छात्र को उपचार दिलाने और उसके पिता को सूचना देने की बात कही है।
चंद्रपुर जिले के विसापुर स्थित सन्मित्र सैनिक स्कूल में कक्षा छठी के छात्र जीवन विलास झरेकर की मौत का मामला सामने आया है। 12 वर्षीय जीवन राजुरा तहसील के खमाडा गांव का निवासी था और स्कूल के छात्रावास में रहकर पढ़ाई करता था। घटना के बाद रामनगर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में छात्र की मौत आत्महत्या से होने की बात सामने आई है।
मिली जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर को जीवन को त्वचा संबंधी खुजली की परेशानी हुई थी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन ने उसके पिता को बुलाया और छात्र के पूरी तरह स्वस्थ होने तक उसे घर पर रखने की सलाह दी थी।
बताया जाता है कि पिता जीवन को चिकित्सक के पास ले गए और प्रारंभिक उपचार कराने के बाद करीब दो घंटे के भीतर उसे वापस स्कूल छोड़ आए। पुलिस के अनुसार, घर जाने की इच्छा पूरी नहीं होने के कारण छात्र मानसिक रूप से परेशान था। हालांकि, घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर पुलिस की विस्तृत जांच जारी है।
स्कूल लौटने के बाद छात्रावास में जीवन की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने मौके से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। रामनगर पुलिस थाने की पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके के अनुसार, जांच में छात्र की मौत आत्महत्या से होने की बात सामने आई है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। वहीं, स्कूल के प्राचार्य ने इन आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि छात्र की तबीयत खराब होने पर स्कूल प्रबंधन ने ही सबसे पहले उसे चिकित्सक के पास पहुंचाया था।
प्राचार्य के अनुसार, इसके बाद छात्र के पिता को बुलाकर उसे आउटपास दिया गया और पूरी तरह स्वस्थ होने तक घर पर रखने की सलाह दी गई थी। लेकिन उपचार कराने के बाद पिता करीब दो घंटे में उसे वापस स्कूल ले आए।
छात्र की मौत के बाद परिवार और स्कूल परिसर में शोक का माहौल है। फिलहाल पुलिस घटना से पहले की परिस्थितियों और संबंधित तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।