

Chandrapur Sanmitra Sainik School Student Death: महाराष्ट्र के चंद्रपुर शहर से सटे बल्लारपुर मार्ग स्थित एक निजी शिक्षण संस्था की सन्मित्र सैनिक स्कूल में कक्षा पांचवीं के 12 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक छात्र की पहचान जीवन विलास झरेकर के रूप में हुई है। वह राजुरा तहसील के खांबाड़ा गांव का निवासी था। शाम करीब 6 बजे यह घटना सामने आने से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, जीवन इसी शैक्षणिक वर्ष में सन्मित्र सैनिक स्कूल में दाखिल हुआ था और स्कूल के ही हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था। गुरुवार को उसके शरीर पर त्वचा संबंधी समस्या होने के बाद उसके पिता उसे चंद्रपुर शहर के एक त्वचा रोग विशेषज्ञ के पास लेकर गए थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद पिता अपने बेटे को वापस स्कूल में छोड़कर खांबाड़ा गांव स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि पिता रास्ते में ही थे कि स्कूल के एक शिक्षक का उनके मोबाइल पर फोन आया और उन्हें तत्काल स्कूल पहुंचने के लिए कहा। पिता वापस स्कूल की ओर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उन्हें दोबारा फोन आया तब उन्हें बेटे की मौत की जानकारी दी गई।
घटना के बाद छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए चंद्रपुर जिला सामान्य अस्पताल भेजा गया। परिजनों का कहना है कि फिलहाल स्कूल प्रबंधन, अस्पताल अथवा पुलिस की ओर से छात्र की मौत के वास्तविक कारण को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
प्राथमिक तौर पर जानकारी सामने आ रही है कि छात्रावास में रहने को लेकर छात्र असहज था। घटना के समय अन्य छात्र मैदान में खेल रहे थे, इसी दौरान छात्र के अपने कमरे में जाकर फांसी लगाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
हालांकि, यह केवल प्रारंभिक जानकारी और अनुमान है। छात्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया इसका वास्तविक कारण क्या था और घटना किन परिस्थितियों में हुई, यह पुलिस जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब चंद्रपुर पुलिस की जांच के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक छात्र के परिजन स्कूल पहुंचे। बेटे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
मृतक के पिता ने स्कूल प्रशासन की कार्यप्रणाली और छात्र की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मेरा बेटा बीमार नहीं था, सिर्फ उसे त्वचा पर फुंसी जैसा कुछ हुआ था, इसीलिए उसे डॉक्टर के पास ले गया है। उसकी दवाइयां शुरू भी नहीं हुई थी और इंजेक्शन भी नहीं दिया था। उन्होंने कहा कि बेटे की मौत को लेकर स्कूल प्रशासन कोई जानकारी नहीं दे रहा है।