वरोरा में आया 3.2 तीव्रता का भूकंप, लोगों को पता नहीं चला, जानें क्या बोले एक्सपर्ट
Chandrapur News: चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र 10 किमी गहराई में पाया गया। लेकिन मार्डा-एकोना गांवों के लोगों ने इसके झटके महसूस नहीं किए।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chandrapur Warora Earthquake News: चंद्रपुर जिले के वरोरा तहसील में बुधवार की रात लगभग 9.23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस भूकंप को रिकॉर्ड किया है और इसकी तीव्रता 3.2 और गहराई 10 किमी दर्ज की है। वरोरा में इसका केंद्र होने और 3.2 रिक्टर तीव्रता के भूकंप की रिकॉर्डिंग की जानकारी प्राप्त हुई है।
जब वरोरा क्षेत्र के एकोना गांव के नागरिकों, पुलिस पाटिल और तलाठी से इस संदर्भ में पूछताछ की गई, तो उन्हें बताया गया कि भूकंप के कोई झटके महसूस नहीं किए गए। WCL खदान प्रबंधन द्वारा भी इसकी पुष्टि की गई है। वहां दर्ज भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी इसकी पुष्टि की है।
वरोरा में पहला भूकंप दर्ज
पिछले कई वर्षों से वरोरा तालुका में कोई भूकंप नहीं आया था। हालांकि यहाँ की ऊपरी भूमि बहुत ठोस नहीं है, फिर भी यहां कोई भूकंप नहीं आया था। यहां की भूमि में कोयला और स्तरीकृत चट्टानें पाई जाती हैं। पानी ज़मीन में गहराई तक भी नहीं जा पाता था।
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हाल ही में, कोयला खदानों और नदी के पानी के खदान के गहरे हिस्सों में बहुत गहराई तक घुसने (हाइड्रोसीस्मोलॉजी) के कारण संभवत: यह भूकंप आया है।यह भूकंप 3 से 4 किमी नीचे पानी के प्रवाह से पृथ्वी की सतह में हलचल के कारण आया।
इस वर्ष हुई अत्यधिक वर्षा और वेकोलि खदानों के कारण ज़मीन में गहराई तक पानी घुसने के कारण यह भूकंप आया है। चंद्रपुर जिले में मूल से सिरोंचा तक का यही हिस्सा प्राकृतिक भूकंपों का हिस्सा रहा है।
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अगले कुछ वर्षों में ऐसे भूकंप आने की संभावना
भूविशेषज्ञ प्रो. सुरेश चोपने ने बताया कि राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस भूकंप को रिकॉर्ड किया है और इसकी तीव्रता 3.2 और गहराई 10 किमी दर्ज की है। यह भूकंप बहुत कम तीव्रता का था और इससे लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई, लेकिन अगले कुछ वर्षों में ऐसे भूकंप आने की संभावना है।
असमंजस की स्थिति
सामाजिक कार्यकर्ता अमोल पाटिल ने कहा कि भूकंप का झटका वरोरा, माढेली नाका एरिया, ऐकोना माइंस के नजदीक के एरिया में बसे लोगों को हमेशा की तरह लगा। क्योंकि ऐकोना माइंस की ब्लास्टिंग से लगभग ऐसे झटके लगना आम बात है इसलिए यह धक्का भूकंप का है या माइंस के ब्लास्टिंग का है यह असमंजस पैदा करता है। इस बारे में कोई टेक्निकल जानकार ही बता सकता है।
सामाजिक कार्यकर्ता शाहिद सईद अख़तर कहा कि महसूस किए गए झटकों ने जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। लोग असमंजस में हैं कि ये भूकंप के झटके थे या एकॉना कोल माइंस में होने वाली ब्लास्टिंग का परिणाम। खास बात यह है कि ये झटके शहर के कुछ नए इलाकों में भी महसूस किए गए, जो पहले माइंस की ब्लास्टिंग से प्रभावित नहीं होते थे। यदि ये झटके ब्लास्टिंग के कारण हैं, तो यह एक गंभीर चिंता का विषय है।
