वेनेजुएला में भूकंप के तेज झटके, 6.2 तीव्रता से कांपी धरती; पड़ोसी देश तक मची अफरातफरी

Venezuela Earthquake News: वेनेजुएला के जुलिया प्रांत में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसके झटके कई राज्यों सहित पड़ोसी देश कोलंबिया तक महसूस किए गए। लोग डर के कारण अपने घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए।
A 6.4 magnitude earthquake strikes Papua New Guinea; the earth shakes again in the Ring of Fire. What is the reason?
भूकंप की सांकेतिक तस्वीर, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Latest Earthquake News: वेनेजुएला के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बुधवार को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की गई, और इसका केंद्र ज़ुलिया प्रांत के मेने ग्रांडे कस्बे से लगभग 24 किलोमीटर दूर था। राजधानी काराकस से यह जगह करीब 600 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है।

भूकंप की गहराई केवल 7.8 किलोमीटर थी, जिससे कंपन का असर कई राज्यों में महसूस हुआ। झटके पड़ोसी देश कोलंबिया तक भी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने तुरंत घरों और कार्यालयों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर रुख किया। फिलहाल, दोनों देशों से किसी तरह के बड़े नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं है।

तेल उद्योग का प्रमुख केंद्र

मेने ग्रांडे झील माराकाइबो (Lake Maracaibo) के पूर्वी किनारे पर बसा है, जिसे वेनेज़ुएला के तेल उद्योग का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यही वह देश है जिसके पास दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार मौजूद हैं। भूकंप के बावजूद सरकारी चैनलों पर सामान्य प्रसारण जारी रहा और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो (Nicolas Maduro) विज्ञान विषयक कार्यक्रम में दिखाई दिए। फिलहाल वेनेज़ुएला सरकार की ओर से इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। राहत एजेंसियां और विशेषज्ञ लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं।

रूस में आया जबरदस्त भूकंप

गौरतलब है कि अभी हाल ही में रूस के सुदूर पूर्व में स्थित कमचटका प्रायद्वीप में जबरदस्त भूकंप आया था, अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, पेट्रोपावलोव्स्क-कमचाट्स्की क्षेत्र में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.8 दर्ज की गई और इसका केंद्र सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि इस भूकंप में किसी प्रकार के नुकसान की खबर नहीं मिली थी।

अचानक फट पड़ा ज्वालामुखी

अंडमान सागर में स्थित भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी बैरेन आइलैंड 20 सितंबर को अचानक फट पड़ा। यह दृश्य पूरे दक्षिण एशिया के लिए बेहद दुर्लभ है। वैज्ञानिकों का मानना है कि दो दिन पहले आए 4.2 तीव्रता वाले भूकंप के झटकों ने इस विस्फोट को जन्म दिया। यह ज्वालामुखी एक निर्जन द्वीप पर है, इसलिए इंसानी आबादी को अभी कोई खतरा नहीं है। मगर विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना को नजरअंदाज करना खतरनाक होगा, क्योंकि यह इलाका उसी बड़े फॉल्ट ज़ोन के पास है, जिसने 2004 की सुनामी को जन्म दिया था।

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