चंद्रपुर: अल्ट्राटेक माणिकगढ़ सीमेंट जमीन विवाद सुलझाने की पहल, जिलाधिकारी की मौजूदगी में होगी भूमि की नापजोख
Chandrapur Farmers News: चंद्रपुर जिलाधिकारी वसुमना पंत ने अल्ट्राटेक सीमेंट जमीन विवाद सुलझाने के लिए कुसुंबी और नोकारी में भूमि नापजोख के निर्देश दिए हैं। प्रशासन किसानों के न्याय के साथ है।
- Written By: रूपम सिंह
चंद्रपुर जिलाधिकारी वसुमना पंत (सोर्स- नवभारत)
Chandrapur Vasumana Pant: चंद्रपुर जिले में अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड (माणिकगढ़ सीमेंट) क्षेत्र की जमीन से जुड़े विवाद को लेकर जिला प्रशासन गंभीरता और संवेदनशीलता से समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस संदर्भ में बुधवार को जिलाधिकारी वसुमना पंत की अध्यक्षता में किसानों और कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुसुंबी और नोकारी गांवों में प्रशासनिक अधिकारी, किसान और कंपनी प्रतिनिधियों की उपस्थिति में जमीन की प्रत्यक्ष नापजोख की जाएगी। इस निर्णय पर उपस्थित किसानों ने संतोष व्यक्त किया।
जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित इस बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, राजुरा के उपविभागीय अधिकारी रवींद्र माने, उपजिलाधिकारी (भूमि) सचिन कुमावत, भूमि अभिलेख अधीक्षक – प्रदीप जगताप, तहसीलदार ओमप्रकाश गोंड (राजुरा), रुपाली मोगरकर – (जिवती), पल्लवी आकरे (कोरपना), उपविभागीय पुलिस अधिकारी जाधव, पुलिस निरीक्षक शिवाजी कदम सहित माणिकगढ़ कंपनी के प्रबंधक मुकेश गहलोत और किसानों के प्रतिनिधि आबिद अली, भाऊराव कन्नाके, केशव कुडमेथे, सुनील मडावी उपस्थित रहे।
सम्बंधित ख़बरें
पाइपलाइन टूटी, पानी की किल्लत-नागपुर के बेसा में ठप पड़ा ड्रेनेज लाइन प्रोजेक्ट; ठेकेदार पर लापरवाही के आरोप
शिक्षा विभाग सख्त, नागपुर में शिक्षक समायोजन तेज; 30 अप्रैल तक रिलीविंग के आदेश
नवी मुंबई में काला जादू के नाम पर लूट, उज्जैन के फर्जी बाबाओं ने महिला से ठगे 1.9 लाख, ऐसे आए पुलिस के हत्थे
आदित्य ठाकरे व पंकजा मुंडे की मुलाकात, सियासी खिचड़ी या सिर्फ शिष्टाचार? महाराष्ट्र की राजनीति फिर आएगा भूचाल
मुआवजे की मांग कर रहे कई किसान
उल्लेखनीय है कि कुसुंबी, बांबेझरी और नोकारी गांवों के कुछ किसानों की जमीन कंपनी के लीज क्षेत्र में आने का दावा करते हुए मुआवजे की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है। इस विषय पर पहले भी राजुरा उपविभागीय अधिकारी स्तर पर बैठकें आयोजित कर कार्यवाही की गई थी। चंद्रपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के अंतिम निर्णय का प्रभावी पालन किया जाएगा और किसानों के न्यायसंगत अधिकारों के लिए कानूनी दायरे में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें:- नागपुर नेचर एक्सपीरियंस 2026: बुद्ध पूर्णिमा पर ताडोबा में अनोखी पहल, पर्यटक भी बनेंगे वन्यजीव गणना का हिस्सा
किसानों के पक्ष में प्रशासन
जिलाधिकारी वसुमना पंत ने कहा कि प्रशासन किसानों के पक्ष में है और किसी को भी कोई कठोर कदम उठाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि एक महीने के भीतर बांबेझरी में मौके पर जांच कर यह देखा जाएगा कि वहां कंपनी का ओवरबर्डन (खनन मलबा) है या नहीं।
साथ ही मंडल अधिकारी, पटवारी, भूमि अभिलेख सर्वेयर, वन विभाग के प्रतिनिधि, पुलिस पाटिल, कंपनी अधिकारी तथा संबंधित भूमि के मालिक किसानों की उपस्थिति में कुसुंबी और नोकारी में नापजोख कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर पुनः बैठक भी आयोजित की जाएगी।
