Chandrapur News: नवरगांव वनक्षेत्र में मादा तेंदुए की मौत, आपसी भिड़ंत की आशंका

Chandrapur-Sindewahi Forest: चंद्रपुर के सिंदेवाही वनक्षेत्र में करीब दो वर्षीय मादा तेंदुआ मृत मिली। पोस्टमार्टम में दो वन्यजीवों की भिड़ंत को मौत का संभावित कारण बताया गया।
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मादा तेंदुआ मृत(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Leopard Death In Chandrapur: सिंदेवाही वनपरिक्षेत्र के नवरगांव उपक्षेत्र अंतर्गत नवरगांव-1 नियतक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 234/576 आरएफ में 13 अगस्त को करीब दो वर्षीय मादा तेंदुआ मृत अवस्था में मिला। वनकर्मियों से सूचना मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। वनरक्षक पी. एस. चौधरी एवं क्षेत्र सहायक आर. आर. सिडाम से घटना की जानकारी मिलने के बाद वनपरिक्षेत्र अधिकारी अंजली सायंकार (बोरावार) अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान करीब दो वर्ष की मादा तेंदुए का शव पड़ा मिला।

घटना की सूचना तत्काल वरिष्ठ वन अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा घटनास्थल पर उपवनसंरक्षक डॉ. कुमारस्वामी एस. आर., सहायक वनसंरक्षक अरविंद जे., मानद वन्यजीव रक्षक चंद्रपुर अमोद गौरकार, तरुण पर्यावरणवादी मंडल शंकरपुर के शीतलकुमार गुरुदास भांडारकर, स्वॉव नेचर फाउंडेशन तलोधी के जिवेश सयाम, बायोलॉजिस्ट राकेश आहूजा सहित वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं पंच उपस्थित हुए। सभी की मौजूदगी में घटनास्थल का मौका पंचनामा तैयार किया गया। इसके बाद मृत तेंदुए के शव को पोस्टमार्टम के लिए मध्यवर्ती काष्ठ भंडार, सिंदेवाड़ी लाया गया।

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सभी अंग मिले सुरक्षित

पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद पत्रुजी जांभुले की मौजूदगी में मृत तेंदुए के शव की जांच की गई। जांच के दौरान उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी ने मादा तेंदुए का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के प्राथमिक निष्कर्ष में दो वन्यजीवों के बीच हुई भिड़ंत को तेंदुए की मौत का संभावित कारण बताया गया है।

वन अपराध दर्ज, पंचनामा भी किया गया

घटना के संबंध में वनरक्षक द्वारा वन अपराध दर्ज किया गया है। वहीं, उपस्थित अधिकारियों, वनकर्मियों एवं पंचों की मौजूदगी में मध्यवर्ती काष्ठ भंडार, सिंदेवाड़ी में मृत मादा तेंदुए के सभी अवयवों को नियमानुसार पूरी तरह जलाकर नष्ट किया गया। इस संबंध में दहन पंचनामा भी दर्ज किया गया है।

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