

Chandrapur Road Safety Committee: चंद्रपुर जिले में सड़क सुरक्षा का मुद्दा गंभीर होने के बावजूद गुरुवार को आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी समेत कई प्रमुख विभागों के अधिकारी नदारद रहे। अधिकारियों की गैरहाजिरी पर सांसद प्रतिभा धानोरकर ने कड़ा रुख अपनाते हुए बैठक 5 मिनट में ही रद्द कर दी। उन्होंने समिति सचिव एवं जिलाधिकारी को अनुपस्थित अधिकारियों को तत्काल शो कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में विधान परिषद सदस्य सुधाकर अडबाले भी मौजूद थे। यह नोटीस शिघ्र जारी किए जाने की खबर है। रस्ता सुरक्षा समिति की बैठक गुरुवार को सुबह 11 बजे नियोजित थी। इसके लिए सांसद समेत सभी संबंधित मौजूद हुए थे। परंतु 12 बजे तक प्रतीक्षा करने के बाद भी चंद्रपुर के आरटीओ हाजिर नहीं हुए। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, महामार्ग पुलिस के आला अफसर भी कन्नी काटते नजर आए। जिससे सांसद धानोरकर भड़क गई।
आरटीओ इस बैठक के लिए बहुत अहम माने जाते है। परंतु वे स्वयं आने की बजाए अपने अधिनस्थ अफसर को भेज दिया। इस दौरान जिलाधिकारी वसुमना पंत, मनपा आयुक्त अकुनुरी नरेश, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकड़े, सहायक उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी रावसाहेब रगडे, यातायात निरीक्षक बारापात्रे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व कांग्रेस नगरसेवक-पदाधिकारी मौजूद थे।
बैठक रद्द करने के बाद सांसद धानोरकर सीधे शहर की सड़कों पर पहुंचीं और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। सड़कों पर बेतरतीब खड़ी निजी ट्रैवल्स बसों को देखकर उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित ट्रैवल्स के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की। सांसद ने शहर में यातायात जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रक टर्मिनल के लिए जगह तलाशने तथा निजी ट्रैवल्स संचालकों को अपनी पार्किंग व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए।
सांसद के अचानक सड़क पर उतरने की सूचना मिलते ही यातायात विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि यातायात निरीक्षक बारापात्रे स्वयं ट्रैवल्स संचालकों को सड़क से बसें हटाने के निर्देश देते नजर आए। इस पर सांसद ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था में लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की चेतावनी दी।