डीजे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Sound Pollution Health Effects: चंद्रपुर जिले के राजुरा शहर के माता मंदिर परिसर में एक गर्भवती महिला के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घर के सामने से गुजर रही शादी की बारात में बज रहे तेज डीजे की कर्कश आवाज के बाद महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई।
अस्पताल में जांच के दौरान पता चला कि गर्भ में ही शिशु की मृत्यु हो चुकी है। दो दिन बाद मृत नवजात को बाहर निकाला गया। इस घटना से नवविवाहित दम्पती पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, माता मंदिर क्षेत्र में रहने वाले दम्पती का विवाह लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। परिवार में जल्द ही शिशु के आगमन की खुशियां मनाई जा रही थीं। गर्भवती महिला की नियमित जांच कराई गई थी और सभी रिपोर्ट सामान्य थीं। गर्भ में शिशु की हलचल भी सामान्य रूप से हो रही थी।
इसी दौरान महिला के घर के सामने से तेज आवाज में डीजे बजाते हुए एक विवाह बारात निकली। अत्यधिक ध्वनि और कंपन के कारण महिला को अचानक अस्वस्थ महसूस हुआ। परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकीय जांच में गर्भस्थ शिशु की मौत की पुष्टि हुई। इस अप्रत्याशित घटना से परिवार स्तब्ध रह गया।
महिला के पति का कहना है कि गर्भ में नौ महीने तक शिशु की गतिविधियां सामान्य थीं और किसी प्रकार की चिकित्सकीय समस्या सामने नहीं आई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डीजे की तेज और कर्कश आवाज के कारण ही यह घटना हुई। महिला ने बताया कि डीजे की आवाज इतनी तेज थी कि पास की दुकान में ऊपर रखी वस्तुएं तक गिरने लगी थीं, जिससे कंपन की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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चिकित्सकों ने शिशु की मृत्यु का स्पष्ट कारण नहीं बताया है, लेकिन उनका कहना है कि दुर्लभ मामलों में अत्यधिक तेज ध्वनि का प्रभाव पड़ सकता है। राज्य सरकार द्वारा डीजे और लाउडस्पीकर के लिए ध्वनि की सीमा निर्धारित की गई है, इसके बावजूद शादी और उत्सवों में 100 डेसिबल से अधिक ध्वनि में डीजे बजाए जाने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।