चंद्रपुर में प्रदूषण कम करने के लिए जल्द होगी उद्यमियों की बैठक, मंत्री ने एमपीसीबी अधिकारियों को दिए निर्देश
Chandrapur Pollution News: चंद्रपुर में प्रदूषण की गंभीर समस्या को देखते हुए पर्यावरण मंत्री ने उद्यमियों की बैठक बुलाने और एमपीसीबी अधिकारियों को उद्योगों की सख्त जांच करने के निर्देश दिए हैं।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)
Chandrapur Environment Minister News: चंद्रपुर जिले के उद्योजकों की एक विशेष बैठक जल्द ही ली जाएगी। इस बैठक में उद्योगों को साथ लेकर एक बेहतरीन योजना बनाई जाएगी। इससे प्रदूषण से नागरिकों को निजात मिलेगी। इसके लिए सभी जनप्रतिनिधि और नागरिकों की भी हिस्सेदारी आवश्यक की जाएगी। गुरुवार को जिला दौरे पर आयी पर्यावरण मंत्री की बैठक में जिले के जनप्रतिनिधियों ने उद्योगों से संबंधित समस्याओं का कच्चा चिठ्ठा पढा। कई नागरिक व संगठनों ने एमपीसीबी अधिकारियों की शिकायतें की।
एमआईडीसी में औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियों ने भी ज्ञापन देकर चर्चा की। ऐसें में बीते ढाई दशकों से हो रही प्रदूषण की समस्या को सुलझाने में सभी की राय अहम मानते हुए जल्द ही इसपर एक बैठक लेने की बात पर्यावरण मंत्री मुंडे ने कही है। गौरतलब है कि बल्लारपुर के विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने चंद्रपुर में प्रदूषण की समस्या को देखते हुए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को एक अच्छा व सक्षम अधिकारी जिले में देने की मांग कर पर्यावरण मंत्री को हैरत में डाल दिया था।
मौजूदा अधिकारी यादव की कार्यप्रणाली पर खुलेआम सवाल उठा कर विधायक मुनगंटीवार ने इस मंडल को ही घेर लिया था। प्रदूषण के बारे में आईआईटी पवई व नीरी इन संस्थाओं से समिति बना कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए जाएं, ऐसा भी मुनगंटीवार ने कहा था। वेकोलि व्दारा विंड फेंसिंग लगाना, उद्योगों को 1 किमी परिसर में घने हरे पेड लगाने को बाध्य करने जैसे सुझाव भी उन्होने दिए थे।
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विधायक जोरगेवार ने वेकोलि के ओव्हर बर्डन के कारण चंद्रपुर में बाढ़ का खतरा निर्माण होने की बात कही थी। प्रदूषण से कैन्सर, श्वसन की बीमारियां बढने के साथ ही कोल वॉशरीज से सैंकडों हेक्टेयर जमीन बाधित होने का मुद्दा भी उन्होने उठाया था। साथ ही उद्योगों के वाहनों की जांच हेतू यंत्रणा बनाने का सुझाव भी जोरगेवार ने दिया था।
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प्रदूषण को कम करने उद्योगों से फैलते प्रदूषण के अधिकारियों को दिए निर्देश
इसी पृष्ठभूमि पर चंद्रपुर जिले के उद्योजकों की बैठक कारगर बताई जा रही है। प्रदूषण का विषय बेहद गंभीर होकर भी इसकी उपेक्षा हुई। उद्योग भले ही रोजगार के लिए हो परंतु उनके लिए भी सरकार के कुछ नियम है। परंतु यह नियम पैरों तले रौंद कर उद्योग चलने की बात सामने आयी है।
जिला स्तर से प्रदूषण कम करने के संदर्भ में उपाययोजना या प्रस्ताव वरिष्ठ कार्यालय को भेजा तो उसपर अविलंब कार्यवाही करने के निर्देश पर्यावरण मंत्री ने अपने दौरे में दिये थे। उद्योगों के प्रदूषण से बीते दो ढाई दशकों में स्वास्थ्य की गंभीर समस्याएं निर्माण हो रही है।
रोजगार के बदले जीवन को कोई कुर्बान नहीं कर सकता। लोग अब सचेत हो रहे है। लोगों की इस समस्या का समाधान करने के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों व्दारा उद्योगों का दौरा व जांच कर जायजा लें और प्रदूषण कम करने कौनसे उद्योगों में कितनी मशीनें लगाई, प्रदूषण कितना कम हुआ, कौन कौनसे उपाय किए गए आदि की जांच करने के निर्देश जाते जाते पर्यावरण मंत्री दे गयी है। अब उद्योजकों की स्वतंत्र बैठक तक इस पर क्या और कितना काम होता है, इस ओर सभी का ध्यान लगा है।
