

Pune Water Crisis Tanker Demand: पुणे और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी के साथ जल संकट ने गंभीर रूप ले लिया है। शहर की बढ़ती प्यास बुझाने के लिए रोजाना 1,100 से 1,200 टैंकरों का सहारा लिया जा रहा है।
पुणे महानगरपालिका के अनुसार, वाघोली, खराड़ी, बालेवाड़ी और हिंजवड़ी जैसे तेजी से विकसित हो रहे आईटी और रिहायशी इलाकों में पानी की सबसे अधिक किल्लत है। इस वर्ष टैंकरों की मांग में लगभग 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
शहर को पानी सप्लाई करने वाली खड़कवासला डैम श्रृंखला में इस समय केवल 30 से 35 प्रतिशत उपयोगी जल ही बचा है। यह स्तर पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम है, जिसके चलते कई क्षेत्रों में पानी की कटौती करनी पड़ रही है।
स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन ने 500 से अधिक निजी टैंकरों को भी सेवा में लगाया है। कई इलाकों में सप्ताह में केवल दो-तीन दिन ही नल से पानी मिल रहा है, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
आगामी मानसून तक पानी बचाने के लिए प्रशासन ने निर्माण कार्यों और उद्यानों में पीने के पानी के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसका उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना है।
टैंकर माफिया द्वारा अधिक वसूली रोकने के लिए पुणे मनपा ने दरें भी निर्धारित की हैं। 5,000 लीटर के टैंकर की कीमत 800 से 1,000 रुपये और 10,000 लीटर के लिए अधिकतम 2,000 रुपये तय किए गए हैं।
फिलहाल शहर को राहत मिलने की उम्मीद आने वाले मानसून पर टिकी है। तब तक प्रशासन और नागरिकों दोनों को पानी के विवेकपूर्ण उपयोग पर ध्यान देने की जरूरत है।