80% जमीन गई, अब 20% के लिए संघर्ष; पाटाला में WCL के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
WCL Chandrapur Protest: पाटाला ग्रामवासियों की वेकोलि को दोटूक चेतावनी। 16 फरवरी तक करें पुनर्वास, वरना होगा बड़ा आंदोलन। 80% जमीन जा चुकी, अब रोजगार और सुरक्षा की मांग।
- Written By: प्रिया जैस
चंद्रपुर न्यूज
Patala Village Rehabilitation: चंद्रपुर में मौजा पाटाला क्षेत्र में वेकोलि द्वारा माजरी यूजी-टू ओसी ओपन कास्ट खदान परियोजना के लिए पहले ही 80 प्रतिशत भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है। हालांकि, गांव के सभी किसानों की जमीन समान रूप से नहीं ली गई, जिससे खेती पर निर्भर खेत मजदूरों और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
परियोजना से बाहर रखी गई शेष 20 प्रतिशत भूमि को भी तत्काल अधिग्रहित कर गांव का पुनर्वास किया जाए, ऐसी मांग पाटाला ग्रामवासियों ने की है। ग्रामवासियों ने पत्र परिषद में चेतावनी दी कि 16 फरवरी तक मांगों पर निर्णय नहीं हुआ तो व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस संबंध में मांगों का ज्ञापन वेकोलि के नागपुर और चंद्रपुर कार्यालयों को सौंपा गया है।
ग्रामीणों की ये हैं प्रमुख मांगें
खदान में उपयोग होने वाले हल्के व भारी वाहनों के टेंडर गांव के बेरोजगार युवाओं को प्रतिदिन ₹3000–4000 दर से बिना शर्त दिए जाएं, खनन गतिविधियों से बढ़ी स्वास्थ्य समस्याओं और दुर्घटनाओं को देखते हुए पाटाला ग्रामवासियों को वेकोलि अस्पताल में निःशुल्क उपचार, एंबुलेंस व अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराए जाएं।
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माजरी-पाटाला-कुचना मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की जाए, क्योंकि रात में आवागमन व जंगली जानवरों के हमलों का खतरा रहता है, स्थानीय शिक्षित बेरोजगार युवाओं को वेकोलि क्षेत्र की निजी कंपनियों में प्रशिक्षण देकर रोजगार दिया जाए, सीएसआर निधि से पाटाला व आसपास के गांवों का विकास किया जाए तथा खनिज विकास निधि उपलब्ध कराई जाए।
घरों में दरारे पड़ी, मुआवजा दें
ब्लास्टिंग से घरों में पड़ी दरारों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिया जाए और गांव का सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास किया जाए, पाटाला–माजरी मार्ग पर कोयला व ओबी की ओवरलोड व अवैध ढुलाई रोकी जाए तथा इसके लिए अलग सुरक्षित मार्ग बनाया जाए, वर्धा नदी किनारे ओबी डंपिंग से नदी प्रवाह अवरुद्ध हो रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ा है।
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प्रभावित गांवों को मुआवजा दिया जाए, छात्रों के लिए माजरी–पाटाला–बरोरा स्कूल बस सेवा शुरू की जाए, ब्लास्टिंग की तीव्रता कम की जाए ताकि घरों व सरकारी भवनों को नुकसान न पहुंचे, ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना वेकोलि द्वारा कोई कार्य न किया जाए, अनुपयोगी भूमि पर पौधारोपण कर उसका ठेका स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को दिया जाए तथा अधिग्रहित भूमि की सुरक्षा दीवार बनाई जाए।
पत्रकार परिषद में सरपंच विजेंद्र वानखेडे, तंटामुक्ती अध्यक्ष विनोद वाटेकर, सामाजिक कार्यकर्ता विठ्ठल जाधव, मनीषा लोणगाडगे तथा ग्रामसंघ अध्यक्ष उत्क्रांति वानखेडे उपस्थित थे।
