चंद्रपुर महानगरपालिका (सौजन्य-नवभारत)
OBC Women Reservation: स्थानीय महानगरपालिका का महापौर पद पुनः एक बार महिला के हाथ गया है। महापौर पद के आरक्षण के लिए गुरुवार को मुंबई में निकाले गए ड्रा में इस मनपा का महापौर पद ओबीसी प्रवर्ग की महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इस आरक्षण के बाद अपनी स्थापना से ही इस मनपा की बागडोर लगातार पांचवीं बार महिला के हाथ रहेगी।
इस आरक्षण से जहां एक ओर दिग्गज पार्षदों खासकर पुरुष वर्ग में मायूसी छा गयी है वहीं दूसरी ओर इस मनपा में ओबीसी प्रवर्ग की नवनिर्वाचित महिला पार्षदों में खुशी की लहर व्याप्त हो गयी है। यहां का महापौर पद ओबीसी महिला के नाम आरक्षित होने के बाद भाजपा, कांग्रेस, जनविकास आघाडी, शिवसेना (ठाकरे) आदि पार्टियों ने अपने अपने नवनिर्वाचित ओबीसी महिला पार्षदों के नामों पर चर्चा शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि कुल 66 सदस्यीय चंद्रपुर मनपा में इस बार किसी भी राजनीतिक दल या गठबंधन को मतदाताओं ने पूर्ण बहुमत नहीं दिया है। इस मनपा में सत्ता हथियाने के लिए किसी राजनीतिक गठबंधन को न्यूनतम 34 पार्षदों की आवश्यकता है। मनपा में सर्वाधिक 30 सीटें प्राप्त कर कांग्रेस तथा शेकाप गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच गया है। भाजपा और शिंदे शिवसेना गठबंधन यहां 24 सीटें प्राप्त कर दूसरे स्थान पर है।
मनपा में सत्ता स्थापित करने हेतु आवश्यक जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए यहां कांग्रेस के साथ ही भाजपा में भी जोड़तोड़ की राजनीति गरमाई है। दोनों दलों की नजर यहां ठाकरे शिवसेना के 6, वंचित बहुजन आघाडी के 2 तथा 2 निर्दलीय पार्षदों के साथ ही एमआईएम और बसपा के क्रमशः एक एक पार्षद पर टिकी हुई है।
यहां का महापौर पद ओबीसी महिला के नाम आरक्षित होने के बाद अब कांग्रेस खेमों में महापौर हेतु जो नाम चर्चा में है उनमें महाकाली प्रभाग की संगीता अमृतकर, विवेकनगर प्रभाग की सुनंदा धोबे, एकोरी प्रभाग की संजीवनी वासेकर तथा कांग्रेस समर्थित जनविकास आघाड़ी की मनीषा बोबड़े का समावेश है। यह सभी महिला पार्षद ओबीसी प्रवर्ग की महिला के लिए आरक्षित सीटों पर निर्वाचित रही है।
यह भी पढ़ें – अखबार ने उठाया सवाल…तो बाल ठाकरे ने ऑफिस में भिजवा दिया अपना चांदी का सिंहासन! पढ़िए पूरा किस्सा
उधर भाजपा में जिन नामों पर चर्चा की जा रही है, उनमें विट्ठल मंदिर प्रभाग की संगीता खांडेकर, एमईएल प्रभाग की आशा देशमुख, इंडस्ट्रियल एस्टेट की सुनीता जायसवाल और शास्त्रीनगर प्रभाग की भाजपा समर्थित शिंदे शिवसेना की ढिल्लन केलझरकर का समावेश है। उक्त सभी महिला पार्षद ओबीसी प्रवर्ग की महिला हेतु आरक्षित सीटों से विजयी रही है। इसके अलावा मनपा में बसपा की संगीता उन्दिरवाड़े भी बाबूपेठ प्रभाग से ओबीसी महिला प्रवर्ग की सीट से निर्वाचित रही है।
स्थानीय मनपा में ओबीसी महिला प्रवर्ग के लिए आरक्षित सीटों के अलावा भी अन्य सर्वसाधारण प्रवर्ग से जो ओबीसी महिला पार्षद निर्वाचित रही है, उनकी कुल संख्या 19 के करीब है जिनमें उपरोक्त महिला पार्षदों समेत कांग्रेस की संगीता भोयर, वनश्री मेश्राम, वैशाली महाड़ोले, चंदा वैरागड़े, भाजपा की शीतल गुरुनुले, अनुजा तायड़े, सारिका संदुरकर, शिवसेना (यूबीटी) की श्रुति घटे, मनस्वी गिरहे, कांग्रेस समर्थित शेकाप की प्रतीक्षा एरगुडे का समावेश है।
यह भी उल्लेखनीय है कि चंद्रपुर मनपा में आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा का उल्लंघन होने से सबकी निगाहें अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है। संभावना जताई जा रही है कि आरक्षण की सीमा का उल्लंघन होने से सुप्रीम कोर्ट इनके खिलाफ क्या फैसला देता है इस ओर सबकी निगाहें लगी हैं। ओबीसी प्रवर्ग से निर्वाचित पार्षदों पर अयोग्यता की लटकती तलवार होने से यहां भाजपा तथा कांग्रेस नेताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।