

Chandrapur Industrial Investment: चंद्रपुर जिले के उद्योगों को प्रोत्साहित करने हेतु उन्हें गड़चिरोली जिले की तर्ज पर रियायतें देने की उद्यमियों की मांगों के चलते राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने यहां आश्वस्त करते हुए कहा कि, चंद्रपुर जिले के नए, पुराने उद्योगों को भी अब यह रियायतें दी जाएगी। जिले के दौरे पर आए सामंत ने यहां बुधवार को स्थानीय उद्यमियों के साथ बैठक लेकर उनके साथ विभिन्न विषयों और समस्याओं पर चर्चा की। इस चर्चा के दौरान जिले के उद्यमियों ने उद्योग मंत्री से कहा कि, चंद्रपुर यह एक औद्योगिक जिला है, यहां बिजली, पानी और दूसरी बेसिक सुविधाएं बहुत ज़्यादा हैं, इसलिए कई नए उद्यमी यहां उद्योग लगाने को तैयार है।
राज्य सरकार ने गड़चिरोली जिले में नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने हेतु उद्योगों को कई रियायतें दी है। वैसी ही रियायतें चंद्रपुर जिले में इच्छुक उद्योगों को दी जाए तो उससे जिले में उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा साथ ही उद्योगों के कारण जिले में रोजगार के भी नए अवसर निर्माण होंगे। उद्यमियों से चर्चा के बाद सामंत ने कहा कि, अभी गड़चिरोली जिले में उद्योगों को शतप्रतिशत इंसेंटिव दिया जाता है, गड़चिरोली जिले की तर्ज पर ही अब चंद्रपुर जिले के उद्योगों को भी शतप्रतिशत इंसेंटिव दिया जाएगा।
सामंत ने कहा कि, चंद्रपुर जिले में औद्योगिक क्षेत्र में खासकर एमआईडीसी क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के लिए सरकार ने 65 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। साथ ही, क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 360 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं, जिसमें से 180 करोड़ रुपये राज्य सरकार, 90 करोड़ रुपये महाराष्ट्र इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बोर्ड और 90 करोड़ रुपये लोकल मिनरल डेवलपमेंट फंड से दिए जाएंगे।
राज्य सरकार ने अब औद्योगिक क्षेत्र में 20 प्रतिशत ज़मीन एमएसएमई वाले सूक्ष्म, लघु एवं मंझोले उद्योगों के लिए आरक्षित करने का फ़ैसला किया है। जिससे छोटे और मीडियम एंटरप्राइजेज को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि, चंद्रपुर ज़िले में लिए गए 18 औद्योगिक भूखंड तुरंत माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि, बेरोज़गारी की समस्या तभी हल होगी जब ज़िले में उद्योग आर्थिक रूप से सक्षम होकर काम करेंगे। इसलिए, हमारा फ़ोकस ज़्यादा से ज़्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं देने पर होना चाहिए। हम इंडस्ट्रीज़ को नुकसान नहीं होने देंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि, कृषि विभाग कृषि आधारित उद्योगों के लिए उद्योग विभाग को एक प्रस्ताव दें। ऐसी इंडस्ट्रीज़ को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इंडस्ट्री इकोसिस्टम में लोकल लोगों को रोज़गार देने की पॉलिसी है। दावोस में वर्ल्ड इन्वेस्टमेंट समिट में जिन दो इंडस्ट्रीज़ ने मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर साइन किए थे, वे भद्रावती इलाके में आ गई हैं। इनमें न्यू एरा क्लीनटेक एनर्जी और ग्रेटा एनर्जी शामिल हैं।
उद्योगमंत्री सामंत ने यह भी स्पष्ट किया कि, कई उद्यमियों ने चंद्रपुर जिले में एमआईडीसी क्षेत्र में उद्योगों के नाम पर जमीन ले रखी है, किंतु कोई उद्योग शुरू नहीं किया है, सालों से आवंटित ऐसी जमीनों का गलत इस्तेमाल रोकने हेतु ऐसे सभी उद्यमियों से एमआईडीसी क्षेत्र में आवंटित जमीन वापस ली जाएगी। सामंत ने कहा कि,चंद्रपुर जिले में एमआईडीसी में 200 प्लॉट कई सालों से बेकार पड़े हैं। सभी संबंधितों को नोटिस दिए गए हैं, इनमें से 67 प्लॉट का आवंटन रदद् कर दिया गया हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि, एमआईडीसी में प्लॉट किसी एक व्यक्ति या इंडस्ट्री के नाम पर अलॉट हैं, और असल में उनका इस्तेमाल कोई दूसरा व्यक्ति कर रहा है, तो इसकी जांच करें। और एक्शन लें।
बैठक में अतिरिक्त जिलाधिकारी डॉ. नितिन व्यवहारे, निवासी उपजिलाधिकारी दगडू कुंभार, एमआईडीसी के क्षेत्रीय अधिकारी पोटे, मुख्य अभियंता राजेश जंजाल, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वाति कार्ले, चंद्रपुर क्षेत्रीय अधिकारी निशांत गिरी, जिला उद्योग सेंटर के महाप्रबंधक अनमोल कोरे, एमआईडीसी एसोसिएशन के अध्यक्ष मधुसूदन रूंगटा, न्यू एरा क्लीनटेक के सचिन धात्रक, ग्रेटा एनर्जी के वैभव कलकुटे, लॉयड्स मेटल के प्रशांत पुरी, संदीप भाटिया, सुबोध कसुरकर, मीनाक्षी वाल्के आदि उपस्थित थे।