729 प्रतिष्ठानों को थमाए गए नोटिस, चंद्रपुर में अस्पतालों और कमर्शियल हब पर फायर ऑडिट का शिकंजा

Chandrapur Municipal Corporation Fire NOC: मनपा ने 729 प्रतिष्ठानों को फायर ऑडिट के नोटिस दिए। आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों, निजी अस्पतालों और कोचिंग क्लासेस में अग्निसुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
Chandrapur Fire Safety Audit Ayushman Health Centres:
चंद्रपुर महानगरपालिका फायर ऑडिट सोर्स: सोशल मीडिया
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Highlights

  • चंद्रपुर मनपा ने 729 प्रतिष्ठानों को फायर ऑडिट के लिए नोटिस दिए।

  • कुछ आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों में भी अग्निसुरक्षा व्यवस्था की कमी का मामला सामने आया।

  • कई कोचिंग क्लासेस के पास फायर ऑडिट प्रमाणपत्र नहीं होने की जानकारी।

  • कुछ निजी अस्पतालों ने ऑडिट कराया, लेकिन मनपा की NOC नहीं लेने का मुद्दा।

  • गोल बाजार की दुकानों में आग फैलने के खतरे को लेकर चिंता।

Chandrapur Fire Safety Audit Ayushman Health Centres:चंद्रपुर महानगरपालिका ने 15 अप्रैल से 16 सितंबर 2026 के बीच अग्निसुरक्षा और फायर ऑडिट को लेकर 729 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए। निजी अस्पतालों, कोचिंग क्लासेस और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ मनपा के कुछ आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों में भी पर्याप्त अग्निसुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात सामने आई है।

729 प्रतिष्ठानों को फायर ऑडिट के नोटिस

अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर के अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं के बाद चंद्रपुर महानगरपालिका का अग्निशमन विभाग भी सक्रिय हो गया है। शहर के निजी अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थानों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज कर दी गई है। विभाग ने 15 अप्रैल से 16 सितंबर 2026 के बीच पेट्रोल पंप, निजी कोचिंग क्लासेस, कॉलेज, गैस एजेंसियों, रेडीमेड कपड़ों की दुकानों, गोल बाजार, होटलों और अन्य प्रतिष्ठानों को कुल 729 नोटिस जारी किए।

हालांकि, अग्निसुरक्षा को लेकर चल रही इस कार्रवाई के बीच मनपा के अंतर्गत आने वाले कुछ आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों में भी पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे केंद्रों में मरीजों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों की सुरक्षा पर सवाल

जानकारी के अनुसार, मनपा के कुछ आयुष्मान स्वास्थ्य केंद्रों में अग्निसुरक्षा व्यवस्था की कमी सामने आने के बाद प्रशासन ने अपने स्वास्थ्य केंद्रों का फायर ऑडिट शुरू किया है। स्वास्थ्य केंद्रों में आग लगने की स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने और आग पर तत्काल काबू पाने के लिए आवश्यक व्यवस्था होना जरूरी है।

निजी अस्पतालों में भी फायर ऑडिट और मनपा की अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) को लेकर सवाल उठे हैं। कुछ अस्पतालों ने निजी एजेंसियों से फायर ऑडिट कराया है, लेकिन मनपा से आवश्यक NOC नहीं लेने की जानकारी सामने आई है।

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कोचिंग क्लासेस और गोल बाजार भी संवेदनशील

शहर की कई कोचिंग क्लासेस के पास फायर ऑडिट प्रमाणपत्र नहीं होने की जानकारी है। पूर्व में करीब 70 प्रतिशत कोचिंग क्लासेस के पास मनपा का फायर ऑडिट प्रमाणपत्र नहीं होने की बात सामने आई थी। मौजूदा स्थिति में भी अपेक्षित सुधार नहीं होने की आशंका जताई जा रही है।

गोल बाजार की दुकानों की बनावट भी अग्निसुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मानी जा रही है। यहां किसी एक दुकान में आग लगने पर आसपास की दुकानों तक आग फैलने का खतरा रहता है। इससे बड़े आर्थिक नुकसान के साथ लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है।

मेडिकल एजेंसी में आग के बाद बढ़ी सख्ती

पिछले महीने रघुवंशी कॉम्प्लेक्स स्थित एक मेडिकल एजेंसी में भीषण आग लगने से भारी नुकसान हुआ था। जांच के दौरान मनपा का फायर ऑडिट प्रमाणपत्र नहीं मिलने पर एजेंसी मालिक के खिलाफ शहर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। इस घटना के बाद अग्निशमन विभाग ने जांच और कार्रवाई तेज की।

अग्निसुरक्षा के मामले में केवल नोटिस जारी करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित प्रतिष्ठानों में वास्तविक सुरक्षा इंतजामों की जांच, नियमों का पालन और कमियों को दूर करने की कार्रवाई भी जरूरी है। अब प्रशासन के सामने इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती है।

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