

Eid-E-Milad-Un-Nabi Chandrapur: इस्लाम धर्म के प्रेषक हजरत पैगम्बर मोहम्मद साहब का जन्मदिन ईद-ए-मिलादुन्नबी आज चंद्रपुर शहर में धार्मिक, श्रध्दा एवं उल्हास के साथ मनाया गया। जिले भर में ईद के मौके पर सर्वधर्म समभाव की मिसाल देखने को मिली। जूलूस में ना केवल मुस्लिम अनुयायी बल्कि अन्य धर्मों के लोगों ने सम्मिलित होकर एक दूसरे को ईद की बधाईयां दी। ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर चंद्रपुर शहर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सर्वधर्म समभाव व संस्कृति की मिसाले देखने को मिली।
ऐतिहासिक जटपुरा गेट परिसर में आकर्षक सजावट की गई थी। जुलूस के भव्य आयोजन में ना केवल मुस्लिम भाईयों ने बल्की अन्य सभी धर्मो के लोगों ने बढचढकर हिस्सा लिया। ऐतिहासिक नगरी चंद्रपुर ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर इस्लामिक अनुयायियों से भर उठी। आज सुबह हर मुहल्ले की मस्जिदों, मदरसों के आसपास सुबह से ही इस्लामिक अनुयायियों का हुजूम देखने मिल रहा था। हर कोई छोटा-बडा-बुजू्र्ग व नवजवान लडके-लडकीया अपने प्यारे नबी हुजूर मोहम्मद मुस्तफा स.अलै.स. की दुनिया में तशरीफ लाने की खुशीयां मनाने में लगा हुआ दिख रहा था।
मान्यता है इस्लाम के सबसे अफजल रसुल हुजूर मोहम्मद मुस्तफा (मोहम्मद पैगंबर) स।अलै।स। 12 रब्बील उल अव्वल के दिन सुबह सादिक के वक्त इस दुनिया में तशरीफ लाए। दुनिया का हर मुसलमान इस दिन को मुबारक(पवित्र) मानते हुए ईद-ए-मिलाद अथवा मिलादुन्नबी के पवित्र पर्व को बडी सादगी शिद्दत और जोशोखरोश से मनाया गया। आज बुधवार की सुबह फजर की नमाज के बाद से ही मुस्लिम बहुल इलाकों में खुशी की चहल-पहल दिखाई देने लगी।
तुकूम मदिना मस्जिद के इमाम मौलाना तहसीन रजा ने फजर की नमाज में देश, कौम ओर भाई चारा, सुख, शांति एवं अमन की दुआएं मांगी। मुस्लिम इलाकों से जश्ने विलादत की रैलीयां निकाली गई। तो दादमहल स्थित दारूल उलूम मुहमदिया से जश्ने ईद-ए-मिलादुन्नबी के मौके पर बुधवार की सुबह कुरआनखानी और फातेहा किया गया तत्पश्चात जुलूस निकाला गया। शहर के मुख्य मार्ग से गुजरते हुए जुलूस में नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर के जयघोष की गुंज सुनाई दे रही थी। गांधी चौक पहुचने पर शहर के विभिन्न मस्जिदों एवं मदरसों से निकले जुलूस भी इसमे शामिल हुए।
जुलूस में घोडों के साथ ही वाहनों की रंगबिरंगी गुब्बारों के साथ सजाया गया था। जुलूस में पवित्र मक्का-मदीने की प्रतिकृतियां और सुन्नी वेशभूषा में छोटे-बडे बच्चें हाथ में इस्लामिक ध्वज लेकर नन्हे बच्चों का जोश देखते ही बनता था। बैंड की धुन माहौल को ओर मंत्रमुग्ध कर रही थी। गांधी चौक से होते हुए जुलूस जटपुरा गेट पहुचा। यहां पर भिवापुर, बाबुपेठ तुकूम, इंदिरा नगर, दुर्गापुर, काजीपुरा, जुनोना, घुटकाला, रहमत नगर आदि परिसर से आए जुलूस मुख्य जुलूस में शामिल हुए। जटपुरा गेट पर विभीन्न मुस्लिम संगठनों की ओर से उलेमाओं की गुलपोशी की गयी।
शहर के अंचलेश्वर गेट, गिरनार चौक, गांधी चौक, लोकमान्य तिलक कन्या विद्यालय, आजाद बाग चौक, सरकारी अस्पताल, छोटा बाजार चौक्, स्टेट बैंक चौक, जटपुरा गेट, सपना टाकीज परिसर एवं अन्य स्थानों पर बिस्कीट, शरबत व पानी तथा फलों का वितरण किया गया। शहर में विविध मुस्लिम संगठन व बहुद्देशीय सेवा समिति की ओर से शहर में शरबत व पानी वितरित किया गया। ईद के मौके पर जटपुरा गेट परिसर को रोशनाई व तोरण से सजाया गया था।
ईद के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रमों का आयेाजन किया गया। विभीन्न स्थानों पर नातखानी, मिलाद आदि कार्यक्रमों के आयोजन किए गए। स्थानीय दारूल उलूम मोहम्मदिया मदरसा, दादमहल वार्ड परिसर में जुलूस पहुचने पर परचम, कुशाई, फातेहा के पश्चात नियाज का कार्यक्रम लिया गया। लोगों ने जुलूस एवं अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। तत्पश्चात समाज बांधवों द्वारा सडकों की सफाई भी की गई। पुलिस अधिक्षक आयुष नोपानी के कुशल माग॔दश॔न में पुलिस विभाग का चौकस सुरक्षा का बंदोबस्त देखा गया।
हर चौक मे पानी और मिठाइयां बांटी गई। शहर के दुगा॔पुर, घुटकाला,अरविंद नगर ,बाबूपेठ,रहमत नगर ,दादमहल से भव्य स्वरूप जुलूस निकाले गये। बल्लारपुर में भी शांतिपूव॔क ईद- ए -मिलादुननबी का त्यौहार माना गया।ज़िले के अन्य तहसीलों मूल, कोठारी, सावली,राजूरा , ब्रम्हपुरी ,सिंदेवाही, वरोरा, भद्रावती, गोंडपिपरी , गडचांदूर व कोरपना इत्यादि जगहों से भी ईद ए मिलादुनबी शांति पूव॔क मनाई गयी।