चंद्रपुर न्यूज
Gas Agency Fraud Maharashtra: घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करना अवैध और असुरक्षित है, इसके बावजूद होटल, ढाबे, चाय की टपरियों और कैटरिंग सेवाओं में इसका खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है। शासन के निर्देशानुसार इन प्रतिष्ठानों में व्यावसायिक गैस सिलेंडर के बजाय अवैध रूप से घरेलू सिलेंडरों के उपयोग के मामले सामने आने पर जिला आपूर्ति विभाग द्वारा संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
पिछले एक वर्ष में विभाग ने कुल 78 स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें 71 सिलेंडर जब्त किए गए। इस कार्रवाई के दौरान 3 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें से एक को गिरफ्तार भी किया गया है।
आपूर्ति विभाग की इस कार्रवाई से व्यावसायिक उपयोग के लिए घरेलू सिलेंडर इस्तेमाल करने वालों पर कुछ हद तक अंकुश लगा है। हालांकि, चंद्रपुर एक औद्योगिक जिला होने के बावजूद व्यावसायिक सिलेंडरों के मात्र 4382 पंजीकृत उपभोक्ता होने से गैस कंपनियों और वितरकों की संभावित मिलीभगत की बात कही जा रही हैं।
खाड़ी देशों में चल रही युद्ध जैसी स्थिति के कारण ईंधन आपूर्ति पर असर की संभावना को देखते हुए शासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। यदि होटल, ढाबे, चाय की टपरियों और कैटरिंग सेवाओं में घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग पाया गया, तो संबंधितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिला आपूर्ति अधिकारी राहुल बहादूरकर ने नागरिकों से अपील की है कि घरेलू सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी या कालाबाजारी न करें, ताकि आम लोगों को नियमित गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
जिले में गैस का उपयोग करने वाले कुल 6 लाख 49 हजार 313 उपभोक्ता हैं। इन उपभोक्ताओं को 29 एचपीसीएल, 7 बीपीसीएल और 18 आईओसीएल सहित कुल 54 गैस एजेंसियों के माध्यम से गैस आपूर्ति की जाती है। एचपीसीएल के 4 लाख 39 हजार 282, आईओसीएल के 1 लाख 46 हजार 514 और बीपीसीएल के 63 हजार 517 उपभोक्ता हैं। इनमें 4382 व्यावसायिक (नीले) सिलेंडर उपभोक्ता शामिल हैं।
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यदि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग पाया जाता है, तो आपूर्ति अधिकारी छापेमारी कर सिलेंडर जब्त करने और मामला दर्ज करने के लिए अधिकृत हैं। हालांकि, जब्त सिलेंडर पर जुर्माना लगाने का अधिकार गैस कंपनी के सेल्स विभाग के अधिकारियों के पास होने के कारण इस पूरे मामले में कंपनियों की भूमिका को लेकर नागरिकों में चर्चा हो रही है।