

AMC General Body Meeting: अमरावती मनपा की चौथी आमसभा में शहर की स्वच्छता के लिए नए ठेकेदार द्वारा किए गए कार्यों की चर्चा हुई और शहर के बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) तत्त्व पर भाड़े पर दिए गए व्यावसायिक संकुलों का मुद्दा भी उठाया गया। इसके अलावा पांच समितियों के सदस्य चुने गए। सभा की शुरुआत पिछली बैठक की कार्रवाई के वाचन से हुई। इसके बाद 30 मिनट का प्रश्नोत्तर सत्र हंगामेदार रहा।
इसके बाद प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा शुरू हुई, जिसमें खासतौर पर शहर की स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं को लेकर पार्षदों ने नए ठेकेदार कोनार्क कंपनी पर सवाल उठाए। कोनार्क कंपनी को 22 क्षेत्रों के लिए सात साल के लिए वार्षिक 40 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है, फिर भी तीन क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने में असफलता का आरोप लगाया गया। नगरसेवकों ने कहा कि कंपनी के पास पर्याप्त संसाधन और मानव संसाधन की कमी है।
आमसभा में नागरिकों को यह उम्मीद थी कि मनपा अपने संकूलों से जुड़े मुद्दों पर ठोस और नीति निर्धारण निर्णय लेगी, जिसमें किराए की वृद्धि और लीज समाप्त होने के बाद दुकानों को खाली करने की कार्रवाई पर स्पष्ट निर्णय लिया जाएगा। लेकिन एक बार फिर से समय निकालने वाली नीति ही सामने आई, जो नागरिकों के लिए निराशाजनक रही। एक ओर जहां नागरिकों पर चार गुना बढ़े हुए टैक्स और 600 का स्वच्छता शुल्क का बोझ डाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर मनपा के संकुलों में व्यापारियों से 1 प्रति फीट किराया लिया जा रहा है और बकाया राशि पर केवल 1% जुर्माना लगाया जा रहा, जिससे प्रशासन द्वारा असल में कोई ठोस वसूली नहीं की जा रही, ऐसा स्पष्ट होता है। यह स्थिति नागरिकों के लिए अत्यधिक निराशाजनक है, और इसे एक बड़ी शोकांतिका ही माना जा सकता है।
सभा में 5 समितियों के सदस्य भी चुने गए। गटनेताओं ने अपने दलों के सदस्य महापौर को नामित किए, जिनकी घोषणा सभागृह में की गई। जिसमें भाजपा के 3 सदस्य, कांग्रेस 2, राष्ट्रवादी 1, युवा स्वाभिमान 1, शिवसेना गट 1 व एमआईएम 1 ऐसे कुल 9 सदस्यों की घोषणा की।