बारिश थमी, बाढ़ बरकरार…चंद्रपुर के जलाशय लबालब, कलेक्टर ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
Chandrapur News: चंद्रपुर में पिछले तीन से हो रही बारिश थम गई है। इससे लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन बाढ़ की स्थिति अभी भी बनी हुई है। जिलाधिकारी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया।
- Written By: आकाश मसने
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते कलेक्टर विनय गौडा व अन्य अधिकारी (फोटो नवभारत)
Chandrapur District Magistrate Visited Flood Affected Areas: चंद्रपुर जिले में बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश तो थम गई परंतु बाढ़ बरकरार होने से जनजीवन प्रभावित है। पिछले 3 दिनों से जारी अतिवृष्टि से जिले में काफी नुकसान हुआ है। बुधवार को जिलाधिकारी विनय गौडा ने बाढ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। चंद्रपुर जिले में पिछले तीन दिनों में हुई जबरदस्त बारिश के चलते जिले के सभी जलाशयों की स्थिति सुधर गयी है। यह सभी जलाशय लबालब है। जिले में कुल 10 प्रमुख जलाशय है, जिनमें से 8 जलाशय शतप्रतिशत भर गए है।
जिले में पिछले तीन दिनों में जबरदस्त बारिश हुई। यह बारिश इतनी अधिक थी कि, तीन दिनों में ही जिले की अधिकांश तहसीलों ने अगस्त माह की औसत बारिश का आंकड़ा पार कर लिया। जिले के अधिकांश तहसीलों में अगस्त माह में होने वाली कुल औसत बारिश की तुलना में शतप्रतिशत बारिश दर्ज की गई।
इस बारिश के चलते अब जिले के सभीं जलाशयों में जलसंचयन बढ़ा दिया है। जिले में कुल 10 महत्वपूर्ण जलाशय है, जिनमें 2 बड़े जबकि शेष 8 मध्यम सिंचाई प्रकल्प है। जिले में बड़े सिंचाई प्रकल्पों में असोलामेंढा और इराई बांध का समावेश है, इनमें से असोलामेंढा शतप्रतिशत भर गया है जबकि इराई बांध भी 90.61 प्रतिशत तक भर गया है।
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चंद्रपुर जिले में जो अन्य 8 मध्यम श्रेणी के सिंचाई प्रकल्प है उनमें से घोडाझरी, नलेश्वर, चंदई, चारगाव, लाभनसराड़, पकडीगुड्डम और डोंगरगांव यह सात प्रकल्प भी शतप्रतिशत भर चुके है। शेष अन्य अमलनाला प्रकल्प भी 91.54 प्रतिशत भर गया है।
बामनी-राजुरा पुल और शिवनी चोर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
पिछले तीन दिनों से ज़िले में हो रही लगातार बारिश के कारण ज़िले के नदी-नाले उफान पर हैं। ईसापुर, पूस और लोअर वर्धा परियोजनाओं से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण वर्धा नदी में बाढ़ आ गई है। चंद्रपुर ज़िले में नदी किनारे बसे गांव इससे प्रभावित हुए हैं और इस बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करने के लिए ज़िला कलेक्टर विनय गौड़ा जी।सी। ने बामनी-राजुरा पुल के साथ-साथ शिवनी चोर (चंद्रपुर) के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और उसका निरीक्षण किया।
यातायात रहा प्रभावित
बामनी-राजुरा पुल पर मंगलवार आधी रात से यातायात बंद कर दिया गया था। हालांकि बुधवार सुबह से पुल का जलस्तर नीचे चला गया है, फिर भी भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है पुल के दोनों ओर पुलिस तैनात है। जिला कलेक्टर विनय गौड़ा ने कहा कि व्यवस्था को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई अप्रिय घटना न घटे।
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इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, बल्लारपुर के नायब तहसीलदार साल्वे, लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता वैभव जोशी, पुलिस निरीक्षक विपिन इंगले आदि उपस्थित थे। जिला कलेक्टर विनय गौड़ा ने चंद्रपुर तालुका के शिवनी चोर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
वर्धा नदी उफान पर, फसलें हुई जलमग्न
वर्धा नदी के बैकवाटर के कारण इस क्षेत्र में फसलें बड़ी मात्रा में जलमग्न हो गई हैं। बाढ़ का जलस्तर कम होने के बाद, क्षतिग्रस्त कृषि भूमि का पंचनामा सही ढंग से किया जाना चाहिए। उन्होंने इसके लिए उपविभागीय अधिकारी उचित योजना बनाएं। जिन खेतों और किसानों का पंचनामा किया गया है, उनकी सूची ग्राम पंचायत में रखी जानी चाहिए। साथ ही, पंचनामा करते समय संबंधित मालिक का नाम और उसका मोबाइल नंबर दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि मुआवजा देने में कोई समस्या न हो।
इस अवसर पर उपविभागीय अधिकारी संजय पवार, नायब तहसीलदार ओंकार ठाकरे, मंडल अधिकारी प्रवीण वर्भे, तलाठी दिनेश काकड़े, शिवनी चोर के सरपंच रवींद्र पाहनपट्टे व अन्य उपस्थित थे।
