
चंद्रपुर महानगरपालिका (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Chandrapur News: चंद्रपुर मनपा में सर्वाधिक सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरकर आये कांग्रेस में खासकर कांग्रेसी नेता विजय वडेटटीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच मनपा में सत्तास्थापना को लेकर विवाद सुलझने की बजाय पुनः गहराता जा रहा है।
इस बीच पुणे से चंद्रपुर लौट रहे वडेट्टीवार समर्थक नवनिर्वाचित पार्षदों के गुट का वाहन वर्धा में सावंगी के पास धानोरकर समर्थक कार्यकर्ताओं ने रोका, उन्हें जबरन दूसरे वाहन में बिठाकर अन्यत्र ले जाने का विफल प्रयास किया, इनकार करने पर पार्षदों के साथ गालीगलौज की, उनके साथ धक्कामुक्की भी की।
इस संदर्भ में वडेट्टीवार समर्थक पार्षदों ने सावंगी मेघे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज की, प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने सांसद धानोरकर के कट्टर समर्थक सौरभ ठोंबरे तथा अन्य 5 के खिलाफ मामला दर्ज किया है, इस घटना से राजनीतिक क्षेत्र में खलबली और हड़कंप मच गया है।
उल्लेखनीय है कि मनपा चुनाव में कांग्रेस को कुल 66 में से सर्वाधिक 27 तथा कांग्रेस समर्थित 3 पार्षदों को मिलाकर सर्वाधिक 30 सीटों पर जीत हासिल हुई है।
कांग्रेस गठबंधन को बहुमत स्पष्ट कर सत्ता स्थापना के लिए सिर्फ 4 अन्य पार्षदों की जरूरत है। किन्तु इतनी बड़ी संख्या में पार्षद चुनकर आने के बावजूद यहां कांग्रेस विधायक वडेटटीवार और सांसद धानोरकर के बीच वर्चस्व की जंग शुरू हो गयी है। दोनों के बीच विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि मनपा में जीत हासिल करने वाले कांग्रेसी पार्षद दो गुटों में विभाजित हो गए।
विजय वडेट्टीवार गुट का दावा है कि उनके पास 14 कांग्रेसी पार्षद है, जबकि धानोरकर का दावा है कि, उनके पास 13 समर्थित पार्षद है। कांग्रेस पार्षदों के बीच हुए इस दो फाड़ के लिए दोनों नेताओं ने एक दूसरे के खिलाफ पार्षदों के अपहरण तक का आरोप लगाया था।
पार्षदों का कहना है कि, वे किसी तरह रास्ता रोकने वालों से अपना पीछा छुड़ाने में सफल रहे और तत्काल सावंगी मेघे पुलिस स्टेशन में हमलावरों के खिलाफ शिकायत दर्ज की। प्राप्त शिकायत के आधार पर पुलिस ने सौरभ ठोंबरे और अन्य पांच के खिलाफ मामला दर्ज किया।
बताया जाता है कि शिकायतकर्ता द्वारा दी गयी शिकायत में सोहेल शेख का नाम भी शामिल है। खास बात यह है कि, सोहेल शेख और सौरभ ठोंबरे यह दोनों मनपा चुनाव में पराजित रहे है। ज्ञात रहे कि चुनाव के नतीजे आने के दिन से ही विधायक वडेट्टीवार और सांसद प्रतिभा धानोरकर के बीच इस बात को लेकर जंग छिड़ी हुई है कि चंद्रपुर मनपा में मेयर और गटनेता उनके ही ग्रुप का होना चाहिए।
जब कांग्रेस पार्टी में यह अंदरूनी झगड़ा चल ही रहा था कि वडेट्टीवार ग्रुप के सभी कॉर्पोरेटर फैमिली ट्रिप पर पुणे गए हुए थे। 28 जनवरी की रात को यह पार्षद पुणे से चंद्रपुर के लिए निकले थे, जिनमें राजेश अडूर, उनकी पत्नी अश्विनी अडूर, सचिन कत्याल, वसंता देशमुख, करिश्मा जंगम, सोफिया खान, अब्दुल करीम शेख समेत अन्य पार्षद शामिल थे। यह सभी एमएच -40 सीपी -9924 क्रमांक की एक निजी ट्रेवल्स से समृद्धि महामार्ग से होते हुए वापस आ रहे थे।
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29 जनवरी को सुबह करीब 5.45 बजे जैसे ही पार्षदों के यह काफिला वर्धा के पास आया, अचानक पांच से छह फोर व्हीलर गाड़िया इस बस के आगे आकर रुकी। इनमें से करीब 12 से 15 लोग नीचे उतरे और उन्होंने बस में सवार पार्षदों के साथ जोर जबरदस्ती की। बताया जाता है कि, यह हमलावर स्कोर्पियो, स्विफ्ट जैसी गाड़ियों के साथ आये थे।
यह भी बताया जाता है कि, जैसे ही हमलावरों ने पार्षदों के साथ धक्कामुक्की शुरू की, बस में सवार अन्य पार्षद तथा यात्रियों ने एक साथ चिल्लाना शुरू किया, जिससे हमलावर उल्टे पांव वहां से भाग निकले। किन्तु उनमें से एक हमलावर को पकड़ने में एक पार्षद सफल रहा।
पकड़े गए हमलावर ने अपना नाम घुग्घुस निवासी कौनेन शमीम सिद्दीकी बताया। उसने बताया कि, उसके साथ उसके साथी मुजम्मिल खान, जसीम खान, आलोक रोहिदास, नागपुर निवासी अदनान शेख, चंद्रपुर निवासी सौरभ ठोंबरे थे। यह सब उन्होंने सोहेल शेख के कहने पर किया है।






