चंद्रपुर में अवैध रेत तस्करी पर प्रशासन सख्त, कलेक्टर ने राजस्व और पुलिस विभाग को दिए कार्रवाई के निर्देश
Illegal Sand Smuggling Inspection: चंद्रपुर में रेत तस्करी पर जिला कलेक्टर वसुमना पंत ने कड़ा संज्ञान लेकर राजस्व और पुलिस को ड्रोन निगरानी व सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
अवैध रेत तस्करों की तस्वीर (सोर्स - फोटो नवभारत)
Chandrapur Collector Illegal Sand Smuggling Action: चंद्रपुर जिले में वर्धा, इरई, पैनगंगा, अंधारी और वैनगंगा नदियों के सीने छलनी कर रेत तस्करों ने जो पर्यावरण व जलसंकट की गंभीर समस्या उत्पन्न की है, उसके प्रति जिलाधिकारी वसुमना पंत ने गहरी चिंता जताई है। उन्होने संपूर्ण राजस्व और पुलिस प्रशासन को इसके खिलाफ एक्शन मोड पर आने के सख्त निर्देश जारी किये है।
चंद्रपुर जिले के पर्यावरणवादी कार्यकर्ताओं व संस्थाओं ने इस पर चिंता जताई थी। कई लोगों ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था। ब्रम्हपुरी में तो इसके लिए भूखहडताल शुरु की गई।
पर्यावरण और नदियों के संरक्षण के लिए प्रशासन अलर्ट
ऐसे में जिलाधिकारी वसुमना पंत ने रेत तस्करी से नदियों व पर्यावरण को होने वाले गंभीर नुकसान पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित पुलिस व राजस्व विभाग की पूरी यंत्रणा को अलर्ट मोड पर लाने का काम किया है। यहीं नहीं उन्होने इसके लिए एक्शन मोड पर काम शुरु करने के भी निर्देश दिये है।
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नदियां वास्तव में जीवनदायी होती हैं। यह पर्यावरण के साथ जलसंकट व खेती संकट का भी निवारण करती है। परंतु जब इन्ही नदियों के अस्तित्व से छेडछाड हो तो होनेवाले गंभीर परिणामों को कौन रोकेगा ? ऐसा सवाल कई बार उत्पन्न हुआ था।
इस बीच पर्यावरणवादी संस्था व कार्यकर्ताओं ने फिर एक बार जिलाधिकारी का ध्यानाकर्षण किया। विशेष रुप से वृक्षाई जैसी संस्थाएं इसपर निरंतर काम कर रही है।
राजस्व, पुलिस और खनिकर्म विभाग के संयुक्त उड़न दस्ते सक्रिय
ऐसे में जिलाधिकारी वसुमना पंत ने समूचित परिस्थिती को समझते हुए अंततः इस मामले में कडा रुख अपनाया है। उन्होने पुलिस व राजस्व विभाग को सख्त निर्देश देते हुए एक्शन मोड पर आने को कहा है। बताया जाता है कि जिले के सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, मंडल अधिकारी और पटवारियों के दल नदी नालों के घाटों पर नियमित निरीक्षण व दौरा कर रहे है।
राजस्व, खनिकर्म, पुलिस व आरटीओ की संयुक्त टीमें भी सक्रिय हो गयी है। उनके उड़न दस्तों द्वारा जिले के संवेदनशील रेत घाटों पर विशेष अभियान शुरु हो गया है।
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अवैध उत्खनन पर बारीकी से रखी जा रही नजर
रेत माफियाओं खबरें सक्रिय होने के पूर्व ही छापे मारने की तैयारी भी शुरु कर दी गई है। वैनगंगा व वर्धा नदी के घाटों पर अवैध उत्खनन पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। इसके लिए चौबीसों घंटे ड्रोन की निगरानी शुरु कर दी गई है। इस बीच पर्यावरणवादी बंडू धोतरे ने बताया कि केवल 64 अधिकृत घाटों की अनुमति होने के बावजूद जिले में सैकड़ों घाटों से उत्खनन शुरु है।
पोकलोन मशीनों का प्रयोग हो रहा है। ऐसे में प्रशासन द्वारा अभी कार्रवाई में कोताही ना बरती जाए। अन्यथा नदियों के अस्तित्व को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते है, ऐसा उन्होंने कहा।
