

Chandrapur Tiger Attack Bull Fights Tiger: चंद्रपुर ज़िले के चिमूर तहसील के शंकरपुर के पास बाघ ने खेत में छोड़े गए बैल पर अचानक हमला कर दिया। बैल ने करीब 10 मिनट तक सींगों से लगातार प्रतिकार किया। आखिरकार बाघ पीछे हटकर जंगल की ओर भाग गया। घटना के बाद आसपास के किसानों और मजदूरों में दहशत है।
चंद्रपुर ज़िले के चिमूर तहसील में बाघ और बैल के बीच हुई रोमांचक भिड़ंत में बैल ने शिकारी के सामने हार मानने से इनकार कर दिया। करीब 10 मिनट तक बाघ के हमले का मुकाबला करने के बाद बैल ने सींगों से ऐसा प्रतिकार किया कि बाघ को पीछे हटना पड़ा और वह जंगल की ओर भाग गया।
यह घटना शनिवार, 3 अक्टूबर की शाम करीब 6.30 बजे शंकरपुर के पास जवराबोड़ी-चिचाला मार्ग पर हुई। जानकारी के अनुसार, भगवान महाले के खेत में एक मजदूर काम कर रहा था। दोपहर के भोजन के दौरान वह खेत में बैठा था। इसी दौरान खेत में खुले छोड़े गए बैल पर झाड़ियों में घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया।
बाघ को बैल पर हमला करते देखकर मजदूर ने शोर मचाकर उसे डराने का प्रयास किया। हालांकि, बाघ पीछे नहीं हटा। स्थिति को खतरे में देखते हुए मजदूर अपनी जान बचाकर खेत से गांव की ओर दौड़ गया।
इसके बाद बाघ ने बैल को दबोचने की कोशिश की। उसने बैल की पीठ, पैर और गर्दन पर हमला किया। अचानक हुए इस हमले के बावजूद बैल ने हिम्मत नहीं छोड़ी।
बाघ के हमले के बीच बैल ने पूरी ताकत से उसका सामना किया। उसने अपने सींगों से बाघ पर लगातार वार किए। दोनों के बीच करीब 10 मिनट तक संघर्ष चलता रहा।
बैल के लगातार और आक्रामक प्रतिकार के सामने आखिरकार बाघ को पीछे हटना पड़ा। इसके बाद वह जंगल की दिशा में भाग गया। इस तरह बैल ने खुद को बाघ के हमले से बचा लिया।
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया। जंगल से सटे खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर अब बाघ की मौजूदगी को लेकर चिंतित हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि खेतों के आसपास बाघ की गतिविधि से लोगों की सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। उन्होंने संबंधित वन विभाग से बाघ की मौजूदगी का पता लगाने और आवश्यक बंदोबस्त करने की मांग की है, ताकि खेतों में काम करने वाले किसानों और मजदूरों को सुरक्षा मिल सके।