'कैच द रेन' अभियान (सोर्सः AI) 
चंद्रपुर

चंद्रपुर में Catch The Rain अभियान से सूखाग्रस्त गांवों को मिलेगी राहत, भूजल बढ़ाने के लिए प्रशासन की बड़ी पहल

Chandrapur Jal Shakti Abhiyan: चंद्रपुर में 'Catch The Rain' अभियान के तहत वर्षा जल संचयन, तालाबों का पुनर्जीवन और कुओं का रिचार्ज किया जाएगा। इससे भूजल स्तर बढ़ेगा और जल संकट कम होगा।

आलोक उमाकृष्ण

Chandrapur Catch The Rain Campaign: बदलते मौसम चक्र और इस वर्ष कम बारिश की आशंका को देखते हुए चंद्रपुर जिले में जल संरक्षण को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्र सरकार के 'जल शक्ति अभियान' के तहत मृदा एवं जल संरक्षण विभाग द्वारा जिले में 'कैच द रेन' अभियान युद्धस्तर पर लागू किया जा रहा है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को अधिकतम मात्रा में संरक्षित कर भूजल स्तर बढ़ाना और भविष्य में संभावित जल संकट से निपटना है।

अभियान के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, कुओं और बोरवेलों का पुनर्भरण, तालाबों का निर्माण तथा जलस्रोतों के पुनर्जीवन जैसे कार्य किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि यदि मानसून के दौरान गिरने वाली प्रत्येक बूंद को सहेजा जाए तो जिले में पानी की उपलब्धता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है।

सूखाग्रस्त गांवों और किसानों को मिलेगा लाभ

इस अभियान का सबसे अधिक लाभ उन गांवों को मिलने की उम्मीद है जो हर वर्ष गर्मियों में जल संकट का सामना करते हैं। कई क्षेत्रों में पीने के पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता। 'कैच द रेन' अभियान के तहत नए तालाब और भंडारण संरचनाएं विकसित की जाएंगी, जबकि पुराने तालाबों और जलाशयों की गाद निकालकर उनकी जल भंडारण क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा कुओं और बोरवेलों को रिचार्ज करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा। इससे किसानों को रबी फसल के दौरान सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने की संभावना बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बेहतर होगी।

जियो टैगिंग और वैज्ञानिक निगरानी पर दि जायेगी जोर

अभियान के तहत जिले के सभी छोटे-बड़े तालाबों, झीलों, कुओं और अन्य जलस्रोतों की गणना की जा रही है। इन जलस्रोतों की जियो टैगिंग कर उन्हें सैटेलाइट के माध्यम से मॉनिटर किया जाएगा, जिससे उनकी वास्तविक स्थिति और क्षमता का सटीक आकलन किया जा सके। प्रशासन का उद्देश्य उन क्षेत्रों की पहचान करना है जहां जल संरक्षण कार्यों की तत्काल आवश्यकता है।

इसके अलावा छोटी नदियों, नालों और झरनों के पुनर्जीवन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस व्यापक अभियान से भूजल स्तर बढ़ने, जल संकट कम होने और जिले में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कितने दिनों तक चलेगा यह अभियान?

अभी अभियान की कोई अंतिम तिथि नहीं बताई गई है। यह मानसून पूर्व और मानसून अवधि के दौरान चलने वाला जल संरक्षण अभियान है, इसलिए फिलहाल इसे आगामी वर्षा ऋतु तक और उसके बाद भी आवश्यकता के अनुसार जारी रखा जा सकता है। साथ ही साथ ग्रामीणों को जल संकट से भी राहत मिलेगी।

तमिलनाडु की जेल में सुरक्षा में कोताही पर एक्शन! उप जेल अधीक्षक पर गिरी गाज, कईयों का ट्रांसफर हुआ

Delhi Chalo March को लेकर मेट्रो सेवा पर असर! राजीव चौक समेत 10 प्रमुख रूटों का रहेगा डायवर्जन, देखें लिस्ट

पंचकूला के स्कूल में खौफनाक घटना, KG की बच्ची को बेरहमी से पीटा; बेहोश होने पर भी नहीं रुका हमला, VIDEO

Punjab Election 2027: AAP की पहली लिस्ट जारी, 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित; भगवंत मान धूरी से लड़ेंगे चुनाव

दिवाली के पीक सीजन में व्यापारियों का फूटा गुस्सा; अब दिल्ली चलो मार्च में जुटेंगे अखिलेश और ममता भी