
पेंडाल हटाने को लेकर भड़के आदिवासी नेता तुमराम (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Chandrapur News: महाराष्ट्र पुलिस का आदर्श वाक्य “सद्रक्षणाय खलनिग्रहणाय” है, जिसका अर्थ है। अच्छों की रक्षा करना और बुरे का नाश करना। यह नारा महाराष्ट्र पुलिस की जनता की सुरक्षा तथा अपराध नियंत्रण के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसी का प्रत्यक्ष उदाहरण शुक्रवार (14 तारीख) को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने स्थित महान आदिवासी नेता बिरसा मुंडा के स्मारक के पास देखने को मिला, जहां ट्रैफिक समस्या को रामनगर के थानेदार आसिफ राजा शेख ने अपनी सूझबूझ से हल किया।
बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर शनिवार को चंद्रपुर स्थित स्मारक के समक्ष एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसके लिए यहां पंडाल लगाया गया था। पंडाल निर्धारित स्थान से थोड़ा अधिक दूरी पर लगाए जाने के कारण यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
जैसे ही यह जानकारी रामनगर पुलिस के थानेदार आसिफ राजा शेख को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे और पंडाल को सही तरीके से लगाने तथा यातायात बाधित न होने देने के निर्देश दिए। उसी समय स्मारक समिति के प्रमुख अशोक तुमराम और अन्य पदाधिकारी भी वहां मौजूद थे। उन्हें गलतफहमी हो गई कि पुलिस पंडाल हटाने आई है, जिसके चलते उनके और थानेदार आसिफ राजा शेख के बीच बहस शुरू हो गई।
अशोक तुमराम काफी आक्रोशित हो गए और उन्होंने स्मारक स्थल पर अनशन करने की चेतावनी तक दे दी। स्थिति को गंभीर होते देख जिला पुलिस अधीक्षक और पालकमंत्री को भी फोन कर इसकी जानकारी दी जाने लगी।
इसी बीच थानेदार आसिफ राजा शेख ने शांतिपूर्वक स्थिति संभाली और स्पष्ट किया कि वे पंडाल हटाने नहीं आए हैं, बल्कि गलत तरीके से लगाए गए पंडाल की वजह से सड़क पर हो रही यातायात समस्या को ठीक करने आए हैं। उन्होंने आयोजकों से पंडाल को निर्धारित दिशा में लगाने और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न होने देने की अपील की।
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वहां मौजूद आदिवासी समाज की पदाधिकारी महिलाओं ने भी अशोक तुमराम को समझाया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में आ गई। इस दौरान घटना की जानकारी मिलते ही उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले भी मौके पर पहुंचे। पंडाल को तुरंत सही दिशा में व्यवस्थित किए जाने के बाद पुलिस दल वहां से लौट गया, और सभी ने राहत की सांस ली।






