Chandrapur के बंगाली कैम्प चौक में ओवरलोड ट्रक ने महिला मजदूर को रौंदा; मौके पर ही दर्दनाक मौत

Road Accident: चंद्रपुर के बंगाली कैम्प चौक पर गुरुवार सुबह एक ओवरलोड ट्रक ने साइकिल सवार महिला मजदूर को कुचल दिया। शहर में दो दिनों में यह तीसरी मौत है, जिससे प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है।
Chandrapur Road Accident
सड़क हादसे की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मलीडिया)
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Road Accident In Chandrapur: चंद्रपुर शहर के राष्ट्रीय महामार्ग परिसर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक (बंगाली कैम्प चौक) में गुरुवार सुबह एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ। बल्लारपुर की ओर से आ रहे एक ओवरलोड ट्रक ने काम पर जा रही एक महिला मजदूर को टक्कर मार दी, जिससे वह ट्रक के पहियों के नीचे आ गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पिछले दो दिनों में शहर में हादसों की यह तीसरी घटना है, जिससे नागरिकों में तीव्र असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत उपाय योजना करने की मांग की है।

साइकिल से काम पर जा रही थी महिला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह यह महिला मजदूर अपना टिफिन लेकर साइकिल से काम पर जाने के लिए निकली थी। बंगाली कैम्प परिसर मजदूरों का बड़ा जमावड़ा केंद्र है। जैसे ही वह चौक पर पहुंची, तेज रफ्तार ओवरलोड ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। महिला के गिरते ही ट्रक का भारी पहिया उस पर चढ़ गया, जिससे उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस भीषण हादसे के बाद परिसर के नागरिकों में भारी रोष है।

चेतावनी के बाद भी प्रशासन रहा निष्क्रिय

बंगाली कैम्प परिसर के नागरिकों ने बताया कि उन्होंने इस चौक पर गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका पहले ही जताई थी। कई बार पालिका और राष्ट्रीय महामार्ग प्रशासन से यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग की गई थी। आरोप है कि प्रशासन ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका नतीजा गुरुवार को इस भीषण हादसे के रूप में सामने आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस चौक पर हमेशा भारी आवाजाही रहती है और अतिक्रमण की वजह से स्थिति और विकराल हो गई है।

अवैध पार्किंग और अतिक्रमण ने बढ़ाया खतरा

नागरिकों का आरोप है कि बंगाली कैम्प चौक में अतिक्रमण के साथ-साथ बार और वाइन शॉप के कारण लोग अपने वाहनों को सड़क किनारे बेपरवाही से खड़ा कर देते हैं। शाम के समय चंद्रपुर शहर की ओर आने वाली सड़क पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। इसके अलावा, चौक के ऐन मोड़ पर ऑटो रिक्शा भी खड़े रहते हैं, जिससे बल्लारपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को मोड़ लेने में भारी कठिनाई होती है। मूल मार्ग की ओर मजदूरों की भीड़ और बल्लारपुर मार्ग पर बाजार जाने वालों का आवागमन अधिक होने से हादसों की संभावना हमेशा बनी रहती है।

दो दिनों में तीन मौतों से दहला शहर

गौरतलब है कि दो दिन पूर्व ही चंद्रपुर-नागपुर महामार्ग पर उमाकांत वाघमारे (38) नामक व्यक्ति की हादसे में मौत हो गई थी। वे काम से लौट रहे थे, तभी सड़क किनारे खड़ी एक कार के चालक ने अचानक दरवाजा खोल दिया। इससे वे बाइक से गिर पड़े और पीछे से आ रहे टैंकर ने उन्हें रौंद दिया। इसी दिन प्रदीप सिडाम नामक युवक की भी रामनगर पुलिस थाने के सामने तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से मौत हो गई थी। वह भी गिरकर ट्रक के पहियों के नीचे आ गया था। पुलिस की लापरवाही और दबंग वाहन चालकों के कारण सड़क किनारे खतरनाक स्थिति में खड़े वाहन हादसों का बड़ा कारण बन रहे हैं।

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