चंद्रपुर में 1300 में से 833 जलजीवन मिशन योजनाएं अधूरी, मुनगंटीवार ने विधानसभा में सरकार को घेरा
Chandrapur Jal Jeevan Mission: चंद्रपुर में 1300 जलजीवन मिशन योजनाओं में से 833 फंड के अभाव में अधूरी। विधायक मुनगंटीवार ने विधानसभा में गिरते भूजल, गंदे पानी और जल नीति पर सरकार को घेरा।
- Written By: केतकी मोडक
चंद्रपुर में भूजल संकट (सोर्स - फोटो नवभारत)
Chandrapur Groundwater Crisis: चंद्रपुर जिले में जल जीवन मिशन की कुल 1,300 योजनाओं में से 833 योजनाओं का काम निधि (फंड) की अनुपलब्धता के चलते अधर में लटके होने की जानकारी देते हुए स्थानीय विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने गुरुवार को विधानसभा में राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया। उन्होंने जलसंकट से मुक्त महाराष्ट्र के निर्माण के लिए एक व्यापक जल नीति (वॉटर पॉलिसी) बनाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। मुनगंटीवार ने जिले में रुकी हुई जलापूर्ति योजनाओं, गिरते भूजल स्तर और दूषित पेयजल के मुद्दे पर सरकार का ध्यान पुरजोर तरीके से आकृष्ट किया।
विधानसभा में अल्पकालिक चर्चा के दौरान मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र के लिए एक पूर्ण और दीर्घकालिक वॉटर पॉलिसी लागू करने की जरूरत पर जोरदार रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्रपति शिवाजी महाराज के महाराष्ट्र में आज भी महिलाओं को पानी लाने के लिए कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर रेखांकित किया कि पीने के पानी का मुद्दा सिर्फ एक विकास कार्य नहीं है, बल्कि आम जनता की जिंदगी से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और बुनियादी मुद्दा है।
मुनगंटीवार ने वर्ष 1997 में तत्कालीन शिवसेना-भाजपा सरकार द्वारा जल संकट पर जारी किए गए श्वेतपत्र का जिक्र करते हुए कहा कि आज 28 साल बाद पुनः राज्य में पानी की स्थिति पर एक नया श्वेतपत्र जारी करने की नौबत आ गई है। राज्य में जल जीवन मिशन के तहत हजारों जलापूर्ति योजनाएं अधूरी होने की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने मांग की कि इन योजनाओं के लिए फंड आबंटित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
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बिना भुगतान के ठेकेदार कैसे करेंगे काम?
उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि चंद्रपुर जिले में जल जीवन मिशन के तहत कुल मंजूर योजनाओं की संख्या 1,300 है, जिनमें से 813 स्कीमें सीधे तौर पर फंड की कमी के कारण ठप पड़ी हैं। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जिस प्रकार यदि हम अधिकारियों का वेतन (सैलरी) रोक दें, तो वे काम नहीं कर पाएंगे; ठीक उसी तरह ठेकेदारों (कॉन्ट्रैक्टर्स) से सालों तक बिना भुगतान के काम करने की उम्मीद आखिर कैसे की जा सकती है?
सरकारी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करने की मांग
विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने जल संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए, जिनमें रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को सख्ती से लागू करने, सभी सरकारी इमारतों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को अनिवार्य बनाने, ‘लेट्स नो द रिवर’ (नदी को जानें) अभियान को फिर से शुरू करने और वॉटर कंजर्वेशन के लिए बजट में अलग से वित्तीय प्रावधान करने की मांग शामिल है।
उन्होंने सदन को सचेत किया कि पानी में फ्लोराइड की अधिकता और दूषित पेयजल चंद्रपुर समेत पूरे विदर्भ के कई जिलों में लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल रहा है। इसके स्थायी समाधान के लिए उन्होंने ‘आरओ (RO) प्रोजेक्ट्स’ के उचित रखरखाव (मेंटेनेंस) हेतु एक स्वतंत्र सिस्टम बनाने की जरूरत बताई।
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उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि पानी की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर बैठकें करने के फैसलों को महीनों तक लंबित रखना सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। उन्होंने गांवों में पीने के पानी की शिकायतों के निवारण के लिए एक अलग शिकायत प्रणाली और ऑनलाइन पोर्टल बनाने की भी मांग की। इसके साथ ही, उन्होंने इजरायल, सिंगापुर, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के वॉटर मैनेजमेंट (जल प्रबंधन) का अध्ययन करने तथा महाराष्ट्र में आधुनिक तकनीक पर आधारित एक सुदृढ़ वॉटर पॉलिसी लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
