गड़चिरोली नगर परिषद के पास 15 साल पुराना एक्सपायर्ड एनिमल वाहन, मृत पशु उठाने में हो रही भारी दिक्कत
Gadchiroli Civic Problems: गड़चिरोली नगर परिषद 15 साल पुराने जर्जर एनिमल वाहन से मृत पशु उठा रही है। वाहन बीच सड़क बंद पड़ता है, दुर्गंध-गंदगी फैलती है, नए वाहन का प्रस्ताव भेजा गया।
- Written By: केतकी मोडक
गड़चिरोली स्वच्छता वाहन (सोर्स- AI)
Gadchiroli Dead Animal Disposal Issue: गड़चिरोली शहर की स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना तथा मृत पशुओं का समय पर निस्तारण करना नगर परिषद प्रशासन की मुख्य जिम्मेदारी है। लेकिन गड़चिरोली नगर परिषद पिछले लगभग 15 वर्षों से एक ही जर्जर एनिमल वैन (पशु वाहन) के सहारे यह कार्य कर रही है। वाहन की अत्यंत दयनीय स्थिति के कारण मृत पशुओं को उठाने में लगातार दिक्कतें आ रही हैं, जिससे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्तमान में नगर परिषद के पास मृत पशुओं के निस्तारण के लिए केवल एक ही एनिमल वाहन उपलब्ध है। इसी वाहन के माध्यम से पांच कर्मचारियों की टीम दो शिफ्टों में कार्य कर रही है। वाहन के बार-बार खराब होने के कारण कई बार नगर परिषद को निजी ट्रैक्टरों की सहायता लेनी पड़ती है, जिससे प्रशासन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, गड़चिरोली नगर परिषद की स्थापना 31 मई 1985 को हुई थी। उसके बाद मृत पशुओं के निस्तारण के लिए समय-समय पर वाहन उपलब्ध कराए गए। वर्तमान में उपयोग में लाया जा रहा वाहन 15 वर्ष से अधिक पुराना बताया जा रहा है जो अक्सर खराब रहता है। कई बार मृत पशुओं को उठाने के दौरान यह वाहन बीच सड़क पर ही बंद पड़ जाता है, जिससे स्वच्छता कर्मचारियों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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शहर में आवारा मवेशियों और सुअरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से वर्षा ऋतु (बरसात के मौसम) में विभिन्न बीमारियों के कारण पशुओं की मृत्यु के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। नागरिकों द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद वाहन की अनुपलब्धता अथवा खराबी के कारण मृत पशुओं को उठाने में घंटों की देरी होती है, जिससे संबंधित रिहायशी क्षेत्रों में दुर्गंध और गंदगी फैल जाती है।
एक्सपायर्ड वाहन का हो रहा उपयोग
बताया जाता है कि गड़चिरोली नगर परिषद के इस एनिमल वाहन (पंजीकरण क्रमांक: एमएच-33-3020) की जानकारी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की ऑनलाइन प्रणाली पर भी उपलब्ध नहीं है। वर्ष 2010 के बाद पंजीकृत अधिकांश वाहनों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने के बावजूद इस वाहन का रिकॉर्ड न मिलना, इसके अत्यधिक पुराने होने की संभावना को पुख्ता करता है। आरटीओ के नियमानुसार 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप (अनुपयोगी अथवा एक्सपायर्ड) माना जाता है, इसके बावजूद नगर परिषद इसी खटारा वाहन के माध्यम से स्वच्छता कार्य संचालित कर रही है।
नए वाहन की खरीद का प्रस्ताव भेजा है: नप
नगर परिषद गड़चिरोली प्रभारी स्वच्छता विभाग प्रमुख चंद्रशेखर भगत ने कहा है कि “गड़चिरोली नगर परिषद द्वारा मृत पशुओं को उठाने का कार्य एनिमल वाहन के माध्यम से नियमित रूप से किया जा रहा है। वर्तमान में नगर परिषद के पास एक ही वाहन उपलब्ध है। नागरिकों की शिकायत मिलते ही हमारी टीम तत्काल कार्रवाई कर मृत पशुओं को हटाती है। शहर की जरूरत को देखते हुए नए एनिमल वाहन की खरीद के लिए वरिष्ठ स्तर पर प्रस्ताव भेजा जा चुका है।”
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अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था करने की मांग
वर्षा ऋतु के दौरान मृत पशुओं की संख्या बढ़ने की आशंका हमेशा रहती है। ऐसे में इस जर्जर वाहन के कारण स्वच्छता कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। कर्मचारियों का कहना है कि किसी भीसमय वाहन की क्रेन अथवा अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे किसी गंभीर दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि शहर की बढ़ती आबादी और आवश्यकताओं को देखते हुए तत्काल नया आधुनिक एनिमल वाहन उपलब्ध कराया जाए तथा आपात स्थितियों के लिए अतिरिक्त वाहनों की भी स्थायी व्यवस्था की जाए।
