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ताडोबा कॉरिडोर में खदान पर कोर्ट सख्त: 60 से ज्यादा बाघों के अस्तित्व पर खतरा, हाईकोर्ट ने लिया सुमोटो संज्ञान

Chandrapur News: ताडोबा-अंधारी कॉरिडोर में खदान मंजूरी पर बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर बेंच ने स्वतः संज्ञान लिया, 60 से अधिक बाघों के अस्तित्व पर खतरा।

  • Written By: रूपम सिंह
Updated On: Feb 04, 2026 | 09:05 PM

प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया)

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Central Wildlife Board News: ताडोबा-अंधारी बाघ प्रकल्प के मुख्य कॉरिडोर में लोहे की खदान को दी गई अनुमति को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में प्रकाशित खबर के आधार पर न्यायालय ने सोमवार को स्वयं संज्ञान लेते हुए (सुमोटो) जनहित याचिका दायर करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने एडवोकेट गोपाल मिश्रा को न्यायालयीन मित्र (एमिकस क्यूरी) नियुक्त किया है और दो सप्ताह के भीतर जनहित याचिका दाखिल करने को कहा है।

न्यायालय के संज्ञान में लाया गया कि ताडोबा-अंधारी प्रकल्प बाघों के लिए अत्यंत संवेदनशील अधिवास है। प्रस्तावित खदान बेल्ट में आठ निवासी बाघ मौजूद हैं, जबकि कई मशहूर बाघ भी इसी कॉरिडोर में विचरण करते हैं।

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6 जनवरी को हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विशेषज्ञ सदस्यों के विरोध के बावजूद खदान परियोजना को मंजूरी दी थी।

60 से अधिक बाघों के अस्तित्व पर संकट

यह खदान ताडोबा से उमरेड करहांडला को जोड़ने वाले जंगल मार्ग पर स्थित है और घोडाझरी अभयारण्य से सटी हुई है। पिछले सात वर्षों से यह प्रस्ताव लगातार खारिज किया जा रहा था। विशेषज्ञ समिति ने भी स्पष्ट रिपोर्ट दी थी कि इस क्षेत्र में खदान नहीं होनी चाहिए, बावजूद इसके मंजूरी प्रदान कर दी गई।

 यह भी पढ़ें:- अमृता फडणवीस पर अभद्र टिप्पणी का मामला: गायिका अंजली भारती के खिलाफ FIR की मांग, महिला मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

यदि केंद्रीय वन्यजीव बोर्ड से भी अंतिम स्वीकृति मिल जाती है, तो 60 से अधिक बाघों के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगेगा। इस क्षेत्र में शेलझरी, साजा, बीजा, हेदु, भीरी और निर्मली जैसे महत्वपूर्ण वृक्ष पाए जाते हैं, जो बाघों को प्राकृतिक आवास और सुरक्षा प्रदान करते हैं। परियोजना के तहत 18 हजार से अधिक पेड़ों की कटाई प्रस्तावित है। इन सभी तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस राज वाकोडे की खंडपीठ ने स्वतः जनहित याचिका दायर करने का फैसला किया है।

Bombay high court suo motu tadoba tiger corridor mining case

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Published On: Feb 04, 2026 | 09:05 PM

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