भेल की निष्क्रिय जमीन एमआईडीसी को सौंपने की मांग; साकोली में शिंदे सेना ने दी तीव्र आंदोलन की चेतावनी

Sakoli BHEL Land News: शिवसेना (शिंदे गुट) के जिलाध्यक्ष पद्माकर बावनकर ने साकोली में भेल की जमीन एमआईडीसी को देने, मक्का खरीदी शुरू करने और किसानों को 16 घंटे बिजली देने की मांग की है।
Shiv Sena leader Padmakar Bawankar demanded the transfer of BHEL land to MIDC in Sakoli, along with 16-hour power for farmers and immediate maize procurement.
SDO को सौंपा ज्ञापन (सोर्स: फोटो नवभारत)
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Shinde Sena Bhandara News: साकोली जिले में स्थित भेल परियोजना की हजारों एकड़ जमीन कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ी है। इस जमीन को तत्काल एमआईडीसी को हस्तांतरित कर वहां छोटेबड़े उद्योग स्थापित किए जाएं, ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल सके और जिले का औद्योगिक विकास हो सके।

यह मांग शिवसेना शिंदे गुट के जिलाध्यक्ष पद्माकर बावनकर ने की। साकोली स्थित शासकीय विश्रामगृह में आयोजित पत्रवार्ता परिषद में उन्होंने कहा कि भंडारा जिला मुख्य रूप से धान उत्पादक जिला है, लेकिन खरीफ सीजन में धान खरीदी की वर्तमान सीमा अपर्याप्त होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसलिए धान खरीदी की सीमा बढ़ाकर किसानों को तत्काल बोनस दिया जाए। उन्होंने रबी सीजन में मक्का खरीदी अब तक शुरू नहीं होने से किसान आर्थिक संकट में हैं। ऐसे में मक्का खरीदी केंद्र तत्काल शुरू किए जाने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है।

मंत्रियों को भेजा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी युवाओं, किसानों और आम नागरिकों की विभिन्न समस्याओं की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए उद्योग मंत्री उदय सामंत तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल को साकोली उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजा गया। बावनकर ने चेतावनी दी कि यदि जनहित से जुड़ी इन मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो शिवसेना शैली में तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

किसानों को बोनस व 16 घंटे बिजली देने की मांग

पत्रवार्ता परिषद में युवासेना जिलाप्रमुख भोजराम वैद्य,  साकोली जिला संघटक बाळा शिवणकर, राधेश्याम मुंगमोडे सहित कई शिवसैनिक उपस्थित थे।किसानों के लिए 16 घंटे बिजली आपूर्ति की मांगउन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं हो रही है, जिससे सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। किसानों को फसलों की सिंचाई में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

इसलिए कृषि पंपों को प्रतिदिन कम से कम 16 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही पद्माकर बावनकर ने ओबीसी समाज की सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक प्रगति के लिए अलग जनगणना की आवश्यकता बताते हुए जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए स्वतंत्र कॉलम बनाए जाने की मांग भी की

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