महाराष्ट्र में उद्योगों के लिए भूमि अधिग्रहण तेज करने के निर्देश, 66 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण जारी

Maharashtra MIDC Land Acquisition: CM देवेंद्र फडणवीस ने MIDC के लिए भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए। राज्य में 66,343 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया विभिन्न जिलों में जारी है।
Directives issued to expedite land acquisition for industries in Maharashtra
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सोर्स- सोशल मीडिया
Updated on

Maharashtra Industrial Land Acquisition: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए उद्योगों को आवश्यक भूमि समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक बस्तियों (एमआईडीसी) का तेजी से विस्तार हो रहा है और इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ‘वर्षा’ निवास पर एमआईडीसी के विभिन्न परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव लोकेश चंद्रा, प्रधान सचिव डॉ. श्रीकर परदेशी, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव पी। अन्बलगन, एमआईडीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपेंद्र सिंह कुशवाह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। फडणवीस ने कहा कि उच्चाधिकार समिति की मंजूरी, विभिन्न प्रशासनिक प्रक्रियाओं और वन संबंधी अनुमतियों के कारण होने वाली देरी को कम करने के लिए प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए।

राज्य में 75 हजार एकड़ भूमि की मांग

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि औद्योगिक भूखंडों के आवंटन को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ‘मिलाप’ ऑनलाइन प्रणाली लागू की गई है। इसके माध्यम से आवेदन, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑफर लेटर, आवंटन आदेश और डैशबोर्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि 1 अक्टूबर 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच राज्य में 1,183 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया गया, जिससे 5,502 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वर्तमान में राज्य में 66,343 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया गड़चिरोली, चंद्रपुर, नागपुर, पुणे, पालघर, छत्रपति संभाजीनगर, ठाणे, रत्नागिरी, रायगढ़, नाशिक और वर्धा जिलों में जारी है।

Directives issued to expedite land acquisition for industries in Maharashtra
छत्रपति संभाजीनगर से CJP का आरोप: आंदोलन दबाने की हो रही कोशिश, सौरव दास के परिवार को डराया गया

तय समय में निर्माण अनिवार्य होगा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए कि परियोजना के स्वरूप और निवेश की मात्रा के आधार पर भूखंड विकास की समयसीमा तय की जाए। निर्धारित अवधि में निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य होगा।

यदि विकास कार्य में देरी होती है तो चरणबद्ध तरीके से जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर भूखंड वापस लेने का प्रावधान किया जाएगा। औद्योगिक भूमि के उपयोग को प्रभावी बनाने सर्वोत्तम व्यवस्थाओं और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर मापदंड तैयार करें।

Navbharat Live
navbharatlive.com