सावली तहसील में 70 घरों का नुकसान; 8 गौशाला ढही, सैकडों हेक्टेयर जमीन जलमग्न
- Written By: नवभारत डेस्क
सावली: पिछले दो दिनों से सावली तहसील में बडे पैमाने पर बारिश हुई. निरंतर बारिश के कारण सावली तहसील के 70 घरों को आशिंक नुकसान हुआ, दो घर पूर्ण ढह गए, आठ गोशाला का नुकसान हुआ है इसके साथ सैकडों हेक्टेयर भूमि जलमग्न हो गई.
पिछले दो तीन दिनों निरंतर बारिश हो रही है.परिसर की नदी नाले धो धो बह रहे है. अनेक मार्ग बंद हो गए है. अनेकों के खेत में पानी जमा हो गया है. सैकडों कृषि भूमि जलमग्न हुई है. तहसील में 70 घरों का आशिंक नुकसान, दो घर पूर्णत ढह गए, 8 गोशाला का नुकसान हुआ है. तहसीलदार परिक्षित पाटिल सहित राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त मकानों का पंचनामा किया. शरविवार को बारिश थमने से बाढ का पानी उतर गया और सभी मार्ग शुरू होने की जानकारी तहसीलदार परीक्षित पाटिल ने दी.
शुक्रवार को सावली तहसील में 119.5 मिमी बारिश दर्ज हुई. अब तक तहसील में 633.3 मिमी बारिश हुई. पिछले के समयावधि में 749.1 मिमी बारिश हुई थी.
सम्बंधित ख़बरें
‘जलनगर’ में जल संकट! चंद्रपुर के इस इलाके में पानी को तरसे लोग, पाइपलाइन जाम, दूषित पानी से नागरिक परेशानी
चंद्रपुर मनपा का एक्शन! जाति प्रमाणपत्र पर घिरे पार्षद, 11 नगरसेवकों को नोटिस जारी
घोषणा के 2 महीने बाद भी शुरू नहीं हुई बल्लारशाह-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस; रेलवे ने बदला ट्रेन का नंबर
Chandrapur Fuel Crisis: पेट्रोल-डीजल के लिए पंपों पर लगी लंबी कतारें, सांसद प्रतिभा धानोरकर ने DM को लिखा पत्र
बाढ में अटके यात्रियों और विद्यार्थियों की भोजन की व्यवस्था
निरंतर बारिश के कारण शुक्रवार को सावली, चारगांव, कापसी, ऊपरी, जिबगांव, पेटगांव, सायखेडा, पालेबारसा, सावली, बोथली, पाथरी, सिंदेवाही, पेंढरी, पाथरी, मुडाला, पाथरी, विरखल, सावली, सिदोला, अंतरगांव, निमगांव ऐसे अनेक गांव के छोटे बडे नदी नाले धो धो बह रहे है. इसके चलते स्कूली विद्यार्थी, यात्रियों की काफी फजीहत हो रही है. इस दौरान सावली के तहसीलदार परिक्षित पाटिल, पुलिस निरीक्षक आशिष बोरकर, सावली नगर पंचायत के उपाध्यक्ष संदीप पुण्यपकार के पहल पर बाढ में अटके यात्रियों और विद्यार्थियों के भोजन और निवासी व्यवस्था रमाबाई आंबेडकर विद्यालय सावली में की गई थी. इस समय प्राध्यापक विजय गायकवाड, नगरसेवक प्रीतम गेडाम, आकाश खोब्रागडे, निखिल दुधे आदि उपस्थित थे.
