

Wild Elephants Reach Tadoba: महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध ताड़ोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व (TATR) के आसपास के इलाकों में इस समय भारी तनाव और रोमांच का माहौल है। गड़चिरोली जिले से वैनगंगा नदी पार कर चंद्रपुर की सीमा में दाखिल हुआ 30 जंगली हाथियों का एक विशाल झुंड, जिसमें नन्हे बच्चे भी शामिल हैं, ताड़ोबा के बफर जोन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। वन विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यह झुंड किसी भी समय अभयारण्य के भीतर प्रवेश कर सकता है।
पिछले पांच दिनों से यह हाथियों का दल चंद्रपुर जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। सावली वन परिक्षेत्र से होते हुए यह झुंड करौली, आकापुर, सायखेड़ा, पाथरी और आसोलामेंढा झील जैसे इलाकों को पार कर चुका है। फिलहाल, यह झुंड गोलाभुज और मुरमाड़ी क्षेत्र के घने जंगलों में डेरा डाले हुए है। वन विभाग के अनुसार, यह दल गड़चिरोली के पोरला इलाके से वापस लौटने के बाद फिर से सावली तहसील में दाखिल हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ताड़ोबा के क्षेत्र निदेशक प्रभुनाथ शुक्ला ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हाथियों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए 30 अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। विभाग दो ड्रोन कैमरों की मदद से इनकी हर हरकत को कैद करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, खराब मौसम, तेज हवाओं और भारी बारिश ने ड्रोन मॉनिटरिंग में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, जिसके कारण वन कर्मियों को खुद घने जंगलों में पेट्रोलिंग कर हाथियों की लोकेशन ट्रैक करनी पड़ रही है।
यह रोमांचक खबर एक बड़े खतरे के साथ आती है। यह हाथियों का झुंड पहले भी भारी उत्पात मचा चुका है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, हाथियों के हमले में अब तक 13 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जिनमें से 11 मौतें विभिन्न जिलों में और 2 मौतें तेलंगाना राज्य में भ्रमण के दौरान हुई थीं। यह झुंड छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के जंगलों में भी विचरण कर चुका है।
वन विभाग ने बफर क्षेत्र में बसे गांवों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय जंगल के पास के इलाकों में जाने से पूरी तरह बचें। यदि किसी को हाथी दिखाई दें, तो उनके पास जाने या उन्हें परेशान करने की कोशिश न करें और तुरंत वन विभाग को सूचित करें। विभाग का मुख्य उद्देश्य हाथियों और मनुष्यों के बीच किसी भी संभावित संघर्ष को रोकना है।