मुंबई: दिव्यांग सीटों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान, मध्य रेलवे ने वसूला ₹10.10 लाख जुर्माना
Ticket Checking Fine: मध्य रेलवे ने जुलाई 2026 में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांग सीटों पर कब्जा, अवैध यात्रा और ट्रैक अतिक्रमण के 677 मामलों में ₹10.10 लाख का जुर्माना वसूला।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र
टिकट जांच करते अधिकारी (सोर्स: AI)
Disabled Coach And Ticket Checking Fine: यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसरों में अनुशासन बनाए रखने के लिए मध्य रेल, मुंबई मंडल ने 01 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक एक महीने का विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कुल 677 मामले दर्ज कर ₹10.10 लाख का जुर्माना वसूला गया।
किस धारा में कितनी कार्रवाई
धारा 155(1)(क) – दिव्यांग आरक्षित सीट/डिब्बे पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित डिब्बों और सीटों पर अवैध कब्जा सबसे गंभीर मुद्दा रहा। इसके तहत 321 मामले दर्ज कर ₹6.37 लाख जुर्माना वसूला गया। रेलवे ने कहा कि इस प्रावधान का सख्ती से पालन होगा ताकि दिव्यांग यात्रियों को बिना असुविधा के सुविधा मिल सके।
यह अभियान CSMT व कल्याण कोर्ट बैच, उपनगरीय टिकट जांच दल, महिला ‘तेजस्विनी’ दल, स्टेशनों के टिकट जांच कर्मी, ट्रेनों के सुविधा दल, RPF और वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के समन्वय से चलाया गया। उद्देश्य था रेलवे अधिनियम का कड़ाई से पालन कराना और यात्रियों को सुगम-सुरक्षित यात्रा देना।
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अन्य आरक्षित श्रेणी में अवैध यात्रा
विशेष श्रेणी के लिए आरक्षित डिब्बों में बिना अधिकार यात्रा करने पर 93 मामले और ₹93,000 जुर्माना। इसके साथ ट्रेनों और स्टेशनों पर अनधिकृत बिक्री और भीख मांगने पर 99 मामले दर्ज कर ₹1.98 लाख वसूले गए। इसका मकसद भीड़भाड़ रोकना, स्वच्छता बनाए रखना और यात्रियों को अनधिकृत विक्रेताओं से बचाना है।
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ट्रैक पर अतिक्रमण
रेलवे ट्रैक या संपत्ति पर अवैध प्रवेश के 164 मामले दर्ज कर ₹82,000 जुर्माना वसूला गया। यह दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए चलाए गए अभियान का हिस्सा है। सबसे अधिक कार्रवाई मानखुर्द स्टेशन पर हुई। यहां 289 मामले और ₹4.49 लाख जुर्माना। इसके बाद वडाला रोड पर 232 मामले, ₹2.57 लाख और ठाणे पर 61 मामले, ₹1.22 लाख जुर्माना।
CSMT, कल्याण, घाटकोपर, पनवेल, मस्जिद, चेंबूर, वाशी, लोणावला समेत अन्य स्टेशनों पर भी जांच हुई। मध्य रेल ने अपील की है कि किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना रेलवे हेल्पलाइन 139 या नजदीकी कर्मचारी को दें।
