अमित देशमुख का महाराष्ट्र सरकार से सवाल- अजित पवार की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी, क्लीयरेंस किसने दिया?

Amit Deshmukh On Ajit Pawar Plane Crash: कांग्रेस विधायक अमित देशमुख ने अजित पवार विमान हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर सवाल उठाए हैं।
Amit Deshmukh On Ajit Pawar Plane Crash
Amit Deshmukh On Ajit Pawar Plane Crash (डिजाइन फोटो)
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Amit Deshmukh On VVIP Security Protocol: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के बाद राज्य की राजनीति में सवालों का बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कांग्रेस विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे अमित देशमुख ने इस मामले में सीधे सरकार की घेरेबंदी की है। अमित देशमुख ने विमान की सुरक्षा और प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि आखिर इस हादसे के लिए किसी को तो जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार की चुप्पी पर हैरानी जताते हुए मांग की है कि प्रशासन को रिकॉर्ड पर आकर स्पष्ट करना चाहिए कि वीवीआईपी (VVIP) सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

अमित देशमुख ने कहा कि मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने काम के सिलसिले में लगातार विमानों, हेलीकॉप्टरों, ट्रेनों और कारों से यात्रा करनी पड़ती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और यात्रा के साधनों की जांच करना किसकी जिम्मेदारी है? उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि जब अजित पवार मुंबई से बारामती के लिए उड़ान भर रहे थे, तो किस विभाग ने उनकी यात्रा और उस निजी विमान को 'क्लीयरेंस' दिया था। क्या वह विमान तकनीकी रूप से सुरक्षित था, इसकी जांच किसने की थी?

सुरक्षा प्रोटोकॉल और जवाबदेही पर बड़े सवाल

अमित देशमुख ने अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई दुखद मृत्यु के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए कहा कि अब तक महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार की सुरक्षा के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने तर्क दिया कि केवल "तकनीकी खराबी" कहकर मामले को रफा-दफा नहीं किया जा सकता। जांच अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन प्राथमिक स्तर पर जिस विभाग ने इस यात्रा की अनुमति दी और जिस एजेंसी ने विमान के परिचालन की जिम्मेदारी संभाली थी, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। देशमुख का मानना है कि इस तरह की घटनाओं से भविष्य में अन्य नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी डर का माहौल बन गया है।

वीएसआर वेंचर्स और जांच की निष्पक्षता

इस हादसे के केंद्र में 'वीएसआर वेंचर्स' (VSR Ventures) नामक कंपनी है, जिसका विमान अजित पवार ऑपरेट कर रहे थे। अमित देशमुख ने अप्रत्यक्ष रूप से जांच की प्रक्रिया पर भी संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जांच एजेंसियां उन रसूखदार लोगों तक पहुँच पाएंगी जो इस कंपनी के पीछे हैं? राजनीति गलियारों में चर्चा है कि कंपनी के मालिकों के सत्ताधारी दल और अन्य बड़े नेताओं के साथ करीबी संबंध हैं। देशमुख ने मांग की है कि सरकार को केवल विभागीय जांच का भरोसा देने के बजाय यह बताना चाहिए कि किस स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई।

क्या यह केवल एक तकनीकी खराबी थी?

अमित देशमुख ने इस बात पर जोर दिया कि वीवीआईपी यात्राओं के लिए बेहद सख्त नियम होते हैं। उड़ान भरने से पहले विमान की फिटनेस रिपोर्ट जांची जाती है। उन्होंने पूछा कि क्या अजित पवार के मामले में इन सभी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था? अगर विमान में पहले से कोई तकनीकी समस्या थी, तो उसे उड़ान भरने की अनुमति कैसे मिली? उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारी या विभाग का नाम सामने नहीं आता, तब तक यह संदेह बना रहेगा कि कहीं इस हादसे के पीछे कोई बड़ी साजिश या आपराधिक लापरवाही तो नहीं थी।

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