'शिवाजी कौन थे?' पुस्तक पर विवाद: संजय गायकवाड़ की चेतावनी- महाराज का अपमान हुआ तो शिव भक्त शांत नहीं बैठेंगे

Shivaji Kon Hota Book Dispute: बुलढाणा में संजय गायकवाड़ और रोहित पवार के बीच 'शिवाजी कौन थे?' पुस्तक को लेकर विवाद। गायकवाड़ खुद सुनेंगे पुस्तक पाठ।
Sanjay Gaikwad Buldhana Protest
Sanjay Gaikwad Buldhana Protest (फोटो क्रेडिट-X)
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Sanjay Gaikwad Buldhana Protest: कॉमरेड गोविंद पानसरे द्वारा लिखित पुस्तक 'शिवाजी कौन थे?' (Shivaji Kon Hota?) को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। बुलढाणा से शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ और राकांपा (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं। आज (मंगलवार, 28 अप्रैल) बुलढाणा में रोहित पवार के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला जा रहा है, जिसमें पुस्तक के प्रकाशक प्रशांत अम्बी भी शामिल होंगे।

विवाद तब शुरू हुआ जब संजय गायकवाड़ पर प्रकाशक प्रशांत अम्बी को अपशब्द कहने और धमकी देने के आरोप लगे। इसके विरोध में आज विधायक गायकवाड़ के आवास के सामने इस पुस्तक का सार्वजनिक पाठ करने की घोषणा की गई है।

"मैं खुद जाकर तालियां बजाऊंगा, लेकिन..." - संजय गायकवाड़

आज मीडिया से बात करते हुए विधायक संजय गायकवाड़ ने एक अप्रत्याशित रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस पुस्तक पठन कार्यक्रम में शामिल होंगे। गायकवाड़ ने कहा, "हम वहां शालीनता से बैठेंगे और 'शिवाजी कोण होता' किताब सुनेंगे। यदि पढ़ते समय छत्रपति शिवाजी महाराज का आदरपूर्वक उल्लेख किया गया, तो हम तालियों से स्वागत करेंगे। लेकिन, यदि महाराज का नाम लेकर शिव भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुँचाई गई, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी आयोजकों की होगी।"

गायकवाड़ ने पुस्तक में औरंगजेब को 'बादशाह' और शिवाजी महाराज को केवल 'शिवाजी' कहकर संबोधित करने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि ऐसी विवादास्पद पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

रोहित पवार पर तीखा हमला

संजय गायकवाड़ ने इस दौरान रोहित पवार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रोहित पवार महाराष्ट्र में 'हीरो' बनने की कोशिश कर रहे हैं और अजीत दादा (अजीत पवार) की जगह लेने के लिए न्याय का झूठा दिखावा कर रहे हैं। गायकवाड़ के अनुसार, जब अजीत दादा जीवित थे, तब रोहित पवार ही उनके सबसे बड़े आलोचक थे और अब उनकी मृत्यु के बाद वे सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रहे हैं।

सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

बुलढाणा में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। गायकवाड़ ने स्पष्ट किया कि उन्होंने प्रकाशक को दी गई गालियों के लिए माफी मांग ली है और मामला भी दर्ज हो चुका है, इसलिए अब इस 'तमाशे' की कोई आवश्यकता नहीं थी। फिलहाल, पूरे महाराष्ट्र की नजरें बुलढाणा के इस 'किताब पठन' कार्यक्रम पर टिकी हैं कि क्या यह शांतिपूर्ण संपन्न होगा या नया विवाद जन्म लेगा।

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