Buldhana News: सोनम वांगचुक के समर्थन में नागरिकों ने निकाला शांतिपूर्ण मार्च, राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री के नाम
Khamgaon Peace March: खामगांव में पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में संविधानिक शांति मार्च निकाला गया। इस वक्त अपने मांगो काराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
खामगांव शांति मार्च- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Buldhana Memorandum To President: लोकतंत्र, भारतीय संविधान और नागरिकों के मुलभूत अधिकारों की रक्षा के लिए पर्यावरणवादी सोनम वांगचुक के समर्थन में आज सोमवार को खामगांव में एक शांतता में में संविधानिक शांति मार्च का आयोजन किया गया। शांति मार्च डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समीप से शुरू हुआ।
विविध सामाजिक संगठनों, प्रगतिशील संगठनों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं के साथसाथ विविध राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और संविधान प्रेमी नागरिक इस मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हुए। नागरिकों ने लोकशाही मूल्यों, भारतीय संविधान और नागरिकों के संविधानिक अधिकारों की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए।
खामगांव में विभिन्न संगठनों का शांति मार्च
शांति मार्च के उपविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंचने पर, उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दिल्ली में चल रहे आंदोलन के प्रति नैतिक समर्थन व्यक्त किया गया और लोकशाही मूल्यों और संविधान की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई,
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लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की उठी मांग
आंदोलन में पुर्व विधायक नाना कोकरे, गौतम गवई, संजय बगाडे, जितेंद्र चोपडे, धोंडीराम खंडारे, बाबुराव सरदार, प्रा. एम. आर. इंगले, प्रकाश धुंदले, अंबादास वानखडे, किशोर भोसले, स्वप्नील ठाकरे, प्रकाश दांडगे, भीमराव गवई, अतुल सिरसाट, कैलास फाटे, मंगेश भारसाकले, संघपाल जाधव, विजय बोदडे, बी. डी. धुरंधर, अमोल पाटील, डॉ. उर्मिला ठाकरे, शिला अंभोरे, विशाखा सावंग, सुमन थाटे, मंदा रायबोले, सुखदेवराव शेगोकार, पांडुरंग राखोडे उपस्थित थे। कार्यक्रम का प्रास्ताविक तथा सूत्रसंचालन अंबादास वानखडे ने किया।
