अवैध उत्खनन मामला: बुलढाणा के ठेकेदार से वसूले जाएंगे ₹29 करोड़; मंत्री बावनकुले का विधानसभा में बड़ा ऐलान

Buldhana Illegal Mining Case: बुलढाणा अवैध उत्खनन की राजस्व मंत्री बावनकुले ने विधानसभा में दी जानकारी। ठेकेदार के 40 करोड़ के लंबित बिल से वसूला जाएगा 29 करोड़ का जुर्माना। SIT रिपोर्ट का इंतजार।
Revenue Minister Chandrashekhar Bawankule informs assembly that ₹29.18 Cr fine for illegal mining in Buldhana will be recovered from contractor's pending bills.
विधानसभा में बोले चंद्रशेखर बावनकुले (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Minister Chandrashekhar Bawankule: बुलढाणा जिले के सारंगवाड़ी (त. मेहकर) स्थित संचय तालाब के कार्य में वॉटरफ्रंट कन्स्ट्रक्शन प्रालि कंपनी द्वारा किए गए करोड़ों रुपये के अवैध गौण खनिज उत्खनन का मुद्दा आज विधानसभा में गूंजा। कंपनी पर लगाए गए 29 करोड़ 18 लाख रुपये के जुर्माने की राशि ठेकेदार के शासन के पास लंबित बिल से वसूल की जाएगी। यह जानकारी राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने प्रश्नकाल के दौरान दी।

विधायक श्वेता महाले ने ठेकेदार को संरक्षण देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने और कंपनी को काली सूची में डालने की मांग की। महाले ने कहा कि चिखली और मेहकर तहसील के किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सारंगवाड़ी परियोजना क्षेत्र में सिंचाई बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। वर्ष 2009 में स्वीकृत इस परियोजना का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हुआ है।

22 करोड़ से अधिक का दंड

हालांकि, संचय तालाब क्षेत्र में संबंधित कंपनी ने बिना वैध अनुमति के क्रशर मशीन स्थापित कर बड़े पैमाने पर गौण खनिज का उत्खनन और परिवहन किया, यह सरकारी जांच में सामने आया है। इस मामले में पहली जांच में कंपनी पर 6 करोड़ 22 लाख 26 हजार 700 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जबकि दूसरी जांच में 22 करोड़ 56 लाख 50 हजार 400 रुपये का दंड लगाया गया।

इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 29 करोड़ 18 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना वर्ष 2018 में लगाया गया था। महाले ने सदन में कहा कि आठ वर्ष बीत जाने के बावजूद यह राशि अब तक वसूल नहीं की गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने प्रशासन द्वारा लगाए गए सील को तोड़कर पुनः उत्खनन शुरू कर दिया।

उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या कंपनी को तत्काल काली सूची में डाला जाएगा, क्या जुर्माने की राशि ब्याज सहित वसूल की जाएगी और क्या संबंधित अधिकारियों एवं कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।

1 महीने मिलेगी SIT की अंतिम रिपोर्ट

उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) नियुक्त की गई है, हालाकि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी शासन को प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन आगामी एक महीने में उसके मिलने की संभावना है। रिपोर्ट मिलने के बाद कंपनी के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करना, आगे के कार्यों पर निर्णय लेना तथा अन्य प्रशासनिक कार्रवाई करने के संबंध में शासन निर्णय लेगा।

40 करोड़ के बिल शासन के पास लंबित

इस पर राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि सारंगवाड़ी संचय तालाब क्षेत्र में संबंधित कंपनी ने जिला कलेक्टर की अनुमति, पर्यावरणीय स्वीकृति या अन्य सक्षम प्राधिकरणों की मंजूरी के बिना क्रशर संयंत्र स्थापित कर खनन किया। साथ ही रॉयल्टी भुगतान और पर्यावरणीय नियमों का भी पालन नहीं किया गया। इसलिए इस मामले में लगभग 29 करोड़ रुपये का दंड लगाया गया है।

जलसंधारण विभाग के अधिकारियों ने लिखित जानकारी दी है कि संबंधित ठेकेदार के लगभग 40 करोड़ रुपये के बिल शासन के पास लंबित हैं। इसी लंबित बिल से जुर्माने की राशि वसूल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, इसलिए संपत्ति जब्ती या अन्य कार्रवाई के बजाय सीधे बिल से ही राशि वसूल की जाएगी।

Navbharat Live
navbharatlive.com