BMC के नए SAP क्लाउड प्रोजेक्ट पर विवाद, डेटा सुरक्षा और करोड़ों के खर्च पर उठे सवाल
BMC SAP Cloud Migration Project: बीएमसी की नए SAP प्राइवेट क्लाउड पर माइग्रेट करने की योजना अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। डेटा सुरक्षा को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: फाइल फोटो)
BMC SAP Cloud Migration Project News: बीएमसी ने अपनी प्रशासनिक और वित्तीय प्रणाली को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए मौजूदा ‘एसएपी’ सिस्टम को ‘राइज विद एसएपी प्राइवेट क्लाउड एडिशन’ पर माइझोट करने का निर्णय लिया है।
हालांकि इस परियोजना की भारी लागत और मुंबईकरों के संवेदनशील डेटा की सुरक्षा को लेकर अब मनपा के राजनीतिक गलियारों में विवाद गहराने के संकेत मिल रहे हैं। परियोजना की पारदर्शिता, करोड़ों रुपये के खर्च और बाहरी कंपनियों की भूमिका को लेकर जनप्रतिनिधियों ने सवालों की झड़ी लगाते हुए प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है।
मनपा प्रशासन के अनुसार वर्तमान में उपयोग की जा रही ‘एसएपी एचएएनए’ इन-हाउस क्लाउड प्रणाली की तकनीकी सहायता अवधि समाप्त होने वाली है। ‘एसएपी इंडिया’ ने इसकी अवधि 30 जून 2026 तक बढ़ा दी है और उससे पहले माइग्रेशन पूरा करना आवश्यक बताया गया है।
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प्रशासन का दावा है कि वित्तीय लेन-देन, संपत्ति कर, जलकर, मानव संसाधन प्रबंधन तथा भवन स्वीकृति जैसी महत्वपूर्ण नागरिक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। हालांकि स्थायी समिति सदस्यों ने इस दावे पर गंभीर आपत्ति जताई है।
नगरसेवक व कांग्रेस गुटनेता अशरफ आजमी ने परियोजना की लागत और सुरक्षा दोनों पर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार इस परियोजना में प्रति उपयोगकर्ता 50 से 60 हजार रुपये तक का शुल्क लिया जा रहा है।
मनपा में एसएपी का उपयोग करने वाले कर्मचारियों की संख्या को देखते हुए कुल खर्च करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन स्पष्ट करें कि यह लागत किस आधार पर तय की गई है और नागरिकों के टैक्स का पैसा आखिर कहां खर्च हो रहा है।
परियोजना की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए सईदा खान ने कहा कि इस माइग्रेशन प्रक्रिया में किन बाहरी कंपनियों को शामिल किया गया और उन्हें ठेका देने के लिए कौन से मानदंड अपनाए गए, इसको जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
सुरक्षा मानकों का पालन
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य मुंबईकरों को अधिक तेज, सक्षम और आधुनिक सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक तकनीकी संक्रमण प्रक्रिया है और इसमें सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया है, लेकिन परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, तकनीकी मानकी और कार्यान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह ‘क्लाउड परियोजना आने वाले दिनों में और अधिक चर्चा तथा राजनीतिक बहस का विषय बन सकती है।
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सहायक आयुक्तों को दिए जाएं ‘ईवी’ वाहन
बीएमसी में सहायक आयुक्तों के लिए उपलब्ध वाहन सेवा की कमी दूर करने के उद्देश्य से प्रशासन ने अतिरिक्त 22 महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन ‘वेट लीज आधार पर अगले 5 वर्षों के लिए किराये पर लेने का प्रस्ताव को बुधवार को स्टैंडिंग कमिटी ने पुनः विचार करने के लिए वापस भेज दिया। स्थायी समिति के सदस्यों ने प्रशासन को सुझाया कि पेट्रोल वाहन उपयोग करने के बजाय उन्हें ईवी वाहन का इस्तेमाल करना चाहिए जो पर्यावरण हित में है।
