संभाजीनगर में चलती ST बस बनी आग का गोला, चालक-परिचालक की सूझबूझ से सभी यात्री सुरक्षित
Sambhajinagar ST Bus Fire: छत्रपति संभाजीनगर के धुलिया-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलती एसटी बस में आग लग गई। चालक और परिचालक की सतर्कता से सभी 38 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
- Written By: अंकिता पटेल
छत्रपति संभाजीनगर, एसटी बस में आग, (सोर्स: नवभारत डिजाईन फोटो )
Sambhajinagar ST Bus Fire Accident: छत्रपति संभाजीनगर जिले में धुलिया-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। यात्रियों से भरी महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम (एसटी) की बस में अचानक आग लग गई। आग देखते ही चालक ने तत्काल बस सड़क किनारे रोक दी और परिचालक के साथ मिलकर सभी 38 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यात्रियों के उतरते ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी बस जलकर राख हो गई।
घटना शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े आठ बजे आडूल के निकट पांढरी पिंपलगांव क्षेत्र में हुई। जानकारी के अनुसार, एसटी बस (एमएच-09 एफएल-8134) सुबह आठ बजे छत्रपति संभाजीनगर डिपो से 38 यात्रियों को लेकर इचलकरंजी के लिए रवाना हुई थी। पांढरी पिंपलगांव के पास पहुंचते ही बस के इंजन से धुआं निकलने लगा।
पीछे चल रहे वाहन चालकों ने चालक को इशारा कर आग लगने की सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए चालक ओमप्रकाश कुंभार ने तत्काल बस रोक दी। बस रुकते ही चालक ओमप्रकाश कुंभार और परिचालक सुनील कांबले ने मुख्य द्वार और आपातकालीन निकास द्वार खोलकर यात्रियों को तेजी से बाहर निकाला। सबसे पहले बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी यात्रियों के उतरने के कुछ ही क्षण बाद आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में बस पूरी तरह जलकर खाक हो गई।
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इंजन से उठा धुआं फिर भड़क उठीं लपटें
घटना की सूचना मिलते ही छत्रपति संभाजीनगर विभाग के अधिकारी और सुरक्षा दल मौके पर पहुंचे। चिकलथाना अग्निशमन केंद्र से पहुंचे दल ने अधिकारी कृष्णा होलंबे के नेतृत्व में पानी की बौछार कर आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक बस पूरी तरह नष्ट हो चुकी थी। प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। करमाड पुलिस ने घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महाराष्ट्र राज्य परिवहन निगम ने सभी 38 यात्रियों के लिए तत्काल दूसरी बस की व्यवस्था कर उन्हें सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया।
धुले-सोलापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ हादसा
यदि चालक और परिचालक समय रहते बस नहीं रोकते और यात्रियों को तुरंत बाहर नहीं निकालते, तो यह घटना बड़े हादसे में बदल सकती थी। उनकी त्वरित सूझबूझ और साहस के कारण 38 यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई, जिसकी यात्रियों और स्थानीय लोगों ने सराहना की। बस में लगी भीषण आग में यात्रियों का करीब तीन लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया।
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छह यात्रियों के बैग में रखी करीब डेढ़ लाख रुपये की नकदी तथा लगभग डेढ़ लाख रुपये मूल्य का शादी का सामान आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गया। हालांकि सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल गए, लेकिन उनका कीमती सामान नहीं बचाया जा सका।
आग लगने से राजमार्ग पर थम गया यातायात
बस में लगी आग इतनी भीषण थी कि कुछ ही मिनटों में ऊंची लपटें और धुआं का घना गुबार पूरे क्षेत्र में फैल गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे कई वाहन चालकों ने एहतियातन अपने वाहन रोक दिए, इससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की कतार लग गई।
