सेंट्रल रेलवे के नए सेफ्टी नियमों पर विवाद, लोकल सेवाएं प्रभावित, यात्री परेशान

Central Railway Safety Circular:  नए सेफ्टी सर्कुलर को लेकर ट्रेन मैनेजर्स के विरोध का असर मुंबई लोकल सेवाओं पर दिखा। कई ट्रेनें देरी से चलीं और तीन लोकल रद्द होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
Central Railway Safety Circular Local Train
सेंट्रल रेलवे सेफ्टी सर्कुलर (सौ. सोशल मीडिया )
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Central Railway Safety Circular Local Train: मुंबई की लाइफ लाइन मानी जाने वाली सेंट्रल रेलवे की लोकल सेवाएं सुरक्षा परिपत्र संख्या 15 में निहित नियमों को लेकर हुए विवाद के कारण प्रभावित रहीं।

नए सेफ्टी सर्कुलर के विरोध में ट्रेन मैनेजर्स द्वारा अपनाए गए सख्त रुख से उपनगरीय सेवाओं की रफ्तार धीमी पड़ गई, जबकि तीन लोकल ट्रेनें रद्द होने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। बता दें कि रेलवे द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अब स्टेशन आने से पहले मोटरमैन को चेतावनी घंटी देना अनिवार्य किया गया है। साथ ही सतर्क रहते हुए यदि ट्रेनें अत्यधिक गति से प्लेटफार्म की ओर बढ़ रही हों तो उन्हें ब्रेक लगाना होगा।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कदम यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने और प्लेटफॉर्म ओवरशूट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है, लेकिन कर्मचारियों के विरोध के कारण इसका असर सीधे लोकल संचालन और यात्रियों की रोजमर्रा की यात्रा पर देखने को मिला।

अतिरिक्त जिम्मेदारी को लेकर जताई है आपत्ति

परिपत्र में नया नोट 4 भी जोड़ा गया है, जिसके तहत ट्रेन मैनेजर को स्टेशन आने से पहले मोटरमैन को एक घंटी देकर यह सूचित करना होगा कि अगला निर्धारित ठहराव आने वाला है और ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर रोका जाना है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था प्लेटफॉर्म ओवरशूट जैसी घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।

नए नियम के अनुसार यदि मोटरमैन समय पर प्रतिक्रिया नहीं देता और ट्रेन निर्धारित गति से अधिक रफ्तार में स्टेशन के करीब पहुंचती है, तो ट्रेन मैनेजर को स्वयं ब्रेक लगाने की जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि ट्रेन प्लेटफॉर्म पार न कर जाए। इसी अतिरिक्त जिम्मेदारी को लेकर कुछ ट्रेन प्रबंधकों ने आपत्ति जताई है।

बेल कोड '0' के नियमों में किया गया है बदलाव

  • विवाद का केंद्र ट्रेन संचालन के दौरान ट्रेन मैनेजर और मोटरमैन-लोको पायलट के बीच उपयोग होने वाली संशोधित बेल कोड संचार प्रणाली है। सेंट्रल रेलवे प्रशासन द्वारा जारी संशोधित परिपत्र एसआर 4.51-1(बी) (1) में बेल कोड '0' के उपयोग से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया है।
  • नए प्रावधान के अनुसार बेल कोड '0' अब केवल एक संकेत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका उपयोग विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में किया जाएगा। इनमें आपातकालीन स्थिति में ट्रेन रोकने का संकेत, निर्धारित स्टेशन के निकट पहुंचने की सूचना और टीएसआर 122 के अंतर्गत मंजूरी संबंधी संचार शामिल है।
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