‘बिहार भवन’ पर संग्राम, मंत्री अशोक चौधरी की राज ठाकरे को खुली चुनौती, कहा- मुंबई किसी की जागीर नहीं…
Bihar Bhavan Mumbai: मुंबई में प्रस्तावित ‘बिहार भवन’ को लेकर बिहार सरकार और MNS आमने-सामने हैं। MNS की धमकी पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि मुंबई किसी की जागीर नहीं। प्रोजेक्ट पर सियासी घमासान तेज है।
- Written By: आकाश मसने
बिहार के मंत्री अशोक चौधरी व राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashok Chaudhary Statement On Bihar Bhawan Mumbai: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में प्रस्तावित ‘बिहार भवन’ को लेकर बिहार सरकार और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) आमने-सामने हैं। MNS द्वारा निर्माण रोकने की धमकी पर बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि मुंबई किसी की निजी जागीर नहीं बल्कि पूरे देश की है।
बिहार कैबिनेट ने हाल ही में मुंबई के पोर्ट ट्रस्ट इलाके में स्थित 0.68 एकड़ जमीन पर एक भव्य ‘बिहार भवन’ बनाने के लिए 314.2 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। यह भवन 30 मंजिला होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य मुंबई में रहने वाले बिहार के प्रवासियों को रहने की सुविधा और अन्य सहायता प्रदान करना है।
हालांकि, इस प्रोजेक्ट की घोषणा के बाद से ही राजनीति गरमा गई है। 20 जनवरी को MNS नेता यशवंत किल्लेदार ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि उनकी पार्टी बिहार भवन का निर्माण नहीं होने देगी। किलेदार का तर्क है कि बिहार सरकार को मुंबई में पैसा खर्च करने के बजाय अपने राज्य के किसानों, शिक्षा, महंगाई और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
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अशोक चौधरी का मनसे पर पलटवार
राज ठाकरे की पार्टी मनसे की धमकियों का जवाब देते हुए बिहार के मंत्री अशोक चौधरी ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने सवाल किया कि कोई राजनीतिक दल इस तरह की भाषा कैसे इस्तेमाल कर सकता है। चौधरी ने कहा, “यह कोई राजशाही नहीं है। मुंबई और महाराष्ट्र पूरे देश के हैं”। उन्होंने MNS को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सरकार इस प्रोजेक्ट को हर हाल में आगे बढ़ाएगी और जिसे रोकना है वह कोशिश कर ले।
बिहार में भी उठा विरोध का सुर
हैरानी की बात यह है कि इस मुद्दे पर बिहार की विपक्षी पार्टी आरजेडी (RJD) ने भी नीतीश सरकार को घेरा है। आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने इसे प्राथमिकताओं की गलत समझ बताया है। उन्होंने कहा कि जब बिहार में कैंसर मरीजों के लिए आधुनिक अस्पतालों की कमी है, तो मुंबई में 314 करोड़ रुपये का भवन बनाना चौंकाने वाला है। सिंह के अनुसार, बिहार को फिलहाल स्वास्थ्य ढांचे की अधिक जरूरत है।
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बीजेपी का रुख और नीतिगत फैसला
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी इस विवाद में अपनी राय रखी है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने ‘बिहार भवन’ को राज्य सरकार का एक नीतिगत फैसला बताया। हालांकि, उन्होंने MNS द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे “अस्वीकार्य” और “अक्षम्य” करार दिया।
यह विवाद अब न केवल दो राज्यों के बीच का मुद्दा बन गया है, बल्कि इसने विकास और प्राथमिकताओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। एक तरफ प्रवासी मजदूरों के लिए सुविधाओं का तर्क है, तो दूसरी तरफ राज्य के भीतर बुनियादी सुविधाओं की मांग।
