भंडारा जिले में प्रजनन दर घटकर 1.33 हुई; सुरक्षित मातृत्व और परिवार नियोजन में हासिल की उल्लेखनीय सफलता

Bhandara Fertility Rate: विश्व जनसंख्या दिवस पर भंडारा में जनसंख्या नियंत्रण व परिवार नियोजन में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। जिले की प्रजनन दर 1.33 व लगभग 100% संस्थागत प्रसव राज्य में मिसाल बने है।
Fertility rate in Bhandara district drops to 1.33; remarkable success achieved in safe motherhood and family planning.
भंडारा, विश्व जनसंख्या दिवस,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bhandara World Population Day: विश्व जनसंख्या दिवस की पृष्ठभूमि पर भंडारा जिले ने जनसंख्या नियंत्रण, सुरक्षित मातृत्व और परिवार नियोजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। जिले की कुल प्रजनन दर (फर्टिलिटी रेट) 1.33 दर्ज की गई है, जो जनसंख्या स्थिरीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

लगभग 100 प्रतिशत संस्थागत प्रसव, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा परिवार नियोजन कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण जिले का प्रदर्शन राज्य में सराहनीय रहा है।

जन्म-मृत्यु दर नियंत्रित

चालू वर्ष में जिले में 13,331 जन्म दर्ज किए गए हैं, जिनमें 6,833 लड़के और 6,498 लड़कियां शामिल हैं। इसी अवधि में 7,377 मौतें दर्ज हुई हैं। जिले की जन्म दर 10.4 तथा मृत्यु दर 8.9 है। वर्तमान लिंगानुपात प्रति एक हजार पुरुषों पर 951 महिलाओं का है, जिससे जनसंख्या वृद्धि नियंत्रित स्तर पर बनी हुई है।

परिवार नियोजन में बेहतर प्रदर्शन

परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत अब तक 3,565 लोगों ने स्थायी नसबंदी कराई है, जिनमें 3,072 महिलाएं और 493 पुरुष शामिल है। वार्षिक लक्ष्य का 62 प्रतिशत पूरा हो चुका है।

इसके अलावा माला-एन, निरोध, कॉपर-टी, पीपीआईयूसीडी और अंतरा जैसे अस्थायी साधनों का भी व्यापक उपयोग हो रहा है। राज्य सरकार ने जिले के उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के स्वस्थ नारी सशक्त अभियान के तहत राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया है।

सुरक्षित मातृत्व में उपलब्धि

जिले में संस्थागत प्रसव का प्रमाण 99.98 प्रतिशत है। चालू वर्ष में केवल दो प्रसव घर पर हुए, जबकि शेष सभी प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में कराए गए। जिले में मातृ मृत्यु दर 22.50, बाल मृत्यु दर 9.68 तथा नवजात मृत्यु दर 5.63 दर्ज की गई है। वहीं 8,052 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कर उनकी नियमित जांच और उपचार किया जा रहा है।

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