

Nagpur Ramtek Shri Ram Temple Trust: नागपुर जिले में स्थित रामटेक की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान से संबंधित 'श्रीराम मंदिर देवस्थान ट्रस्ट (रामटेक) विधेयक, 2026' को शुक्रवार को मंत्रिमंडल, महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद द्वारा अनुमोदित कर दिया गया। 55 वर्षों से लंबित इस मुद्दे को अंततः न्याय मिला है और यह दिन रामटेक के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा।
यह निर्णय महज एक विधेयक की मंजूरी नहीं है, बल्कि रामटेक के विश्वास, जनभावना, पीढ़ियों के संघर्ष और निरंतर प्रयासों की जीत है। आज जिस विधेयक को मंजूरी मिली है, उसके लिए संघर्ष की शुरुआत तत्कालीन विधायक आशीष जायसवाल ने 11 जुलाई, 2024 को मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र भेजकर की थी।
उस पत्र में शिरडी संस्थान की तर्ज पर श्री राम मंदिर के लिए एक स्वतंत्र न्यासी प्रणाली बनाने की आवश्यकता, मंदिर के प्रबंधन में आने वाली कठिनाइयों, न्यायिक स्थिति और रामटेक की धार्मिक विरासत के संरक्षण के संबंध में ठोस रुख अपनाया गया था। उस निरंतर प्रयास ने आज ऐतिहासिक सफलता दिलाई है।
श्रीराम मंदिर संस्थान ट्रस्ट (रामटेक) अधिनियम, 2024 विधान मंडल के दोनों सदनों में पारित हो गया। राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने इस मुद्दे को अपने सार्वजनिक जीवन का सबसे निजी मुद्दा माना और सरकार के हर स्तर पर इसके लिए निरंतर प्रयास किये।
उन्होंने कई बैठकों, वरिष्ठ स्तरीय चर्चाओं और विधानमंडल में इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाया। अंततः, भगवान श्रीराम की कृपा और रामटेक के लोगों के आशीर्वाद से यह ऐतिहासिक निर्णय साकार हुआ।
श्रीराम मंदिर न केवल रामटेक बल्कि पूरे महाराष्ट्र की आस्था, सांस्कृतिक वैभव और आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। इस विधेयक ने मंदिर के समग्र विकास, भक्तों के लिए अधिक सुविधाओं और मंदिर के लिए एक कुशल, पारदर्शी और जवाबदेय न्यासी प्रणाली बनाकर रामटेक को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी स्थान दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
इस दौरान राज्य मंत्री आशीष जायसवाल भावुक हो गए और उन्होंने कहा, राम मंदिर ट्रस्ट (रामटेक) विधेयक 2026 मंत्रिमंडल, विधानसभा और विधान परिषद द्वारा पारित किया गया। वे इसे अपना परम सौभाग्य मानते है कि उन्हें सदन में इस विधेयक को प्रस्तुत करने का अवसर मिला, यह अवसर उन्हें भगवान श्रीराम की कृपा, रामटेक निर्वाचन क्षेत्र की जनता के विश्वास और दिन-रात काम करने वाले सभी कार्यकर्ताओं के प्रयास से प्राप्त हुआ है।
जायस्वाल ने उन सभी का आभार माना, उन्होंने कहा यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं है। यह राम भक्तों की आस्था, संतों और महंतों के आशीर्वाद, नागरिकों के संघर्ष और जनता द्वारा उन पर दिखाए गए विश्वास की जीत है। आज से रामटेक के धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुद्धार का एक नया युग शुरू हो गया है।