निकाय चुनावों में वीवीपैट के उपयोग पर फिलहाल असमर्थता, बहुसदस्यीय प्रभाग प्रणाली में प्रयोग संभव नही
Maharashtra Local Body Elections: महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्वराज्य निकाय चुनावों में वीवीपैट का उपयोग फिलहाल संभव नहीं है, तकनीकी रिपोर्ट लंबित है।
- Written By: आंचल लोखंडे
निकाय चुनावों में वीवीपैट के उपयोग पर फिलहाल असमर्थता (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Maharashtra State Election Commission: स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में वीवीपैट (Voter Verifiable Paper Audit Trail) के उपयोग को लेकर वर्तमान में कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। इसके अलावा, कुछ अपवादों को छोड़कर लगभग सभी स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव बहुसदस्यीय प्रभाग प्रणाली के तहत संपन्न होते हैं। इस प्रणाली में प्रत्येक मतदाता को औसतन तीन से चार मत देने का अधिकार होता है, जिससे मतदान प्रक्रिया अधिक जटिल हो जाती है।
इसी तकनीकी जटिलता को ध्यान में रखते हुए देश के सभी राज्य निर्वाचन आयोगों की टेक्निकल इवैल्यूएशन कमिटी (TEC) वीवीपैट युक्त मतदान यंत्र विकसित करने की दिशा में अध्ययन कर रही है। हालांकि, इस समिति की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसलिए वर्तमान परिस्थितियों में स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनाव में वीवीपैट का उपयोग संभव नहीं है, ऐसा राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है।
कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं
स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के उपयोग का वैधानिक प्रावधान वर्ष 2005 में संबंधित अधिनियमों और नियमों में किया गया था। परंतु, वीवीपैट के उपयोग को लेकर अब तक कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं जोड़ा गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया निम्नलिखित अधिनियमों और उनके नियमों के तहत संचालित होती है।
सम्बंधित ख़बरें
अब नागपुर नहीं भेजना होगा मेडिकल कचरा, भंडारा मेडिकल कॉलेज ने संभाली बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन की कमान
देवरी के छत्रपति शिवाजी हाईस्कूल का शानदार 96.20 प्रतिशत परीक्षा परिणाम, टॉपर्स का सम्मान
पवनी के पवन विद्यालय का 100 प्रतिशत SSC परीक्षा परिणाम, सभी 33 विद्यार्थी उत्तीर्ण
तुमसर में अनसूया माता जन्मोत्सव का भव्य आयोजन, भक्ति में डूबा शहर
- मुंबई महानगरपालिका अधिनियम 1888
- मुंबई प्रांतिक महानगरपालिका अधिनियम 1949
- महाराष्ट्र नगर परिषद, नगर पंचायत व औद्योगिक नगरी अधिनियम 1965
- महाराष्ट्र जिला परिषद व पंचायत समिति अधिनियम 1961
- मुंबई ग्राम पंचायत अधिनियम 1958
इन अधिनियमों में बदलाव या सुधार करना राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। आयोग ने कहा कि जब राज्य सरकार संबंधित अधिनियमों और नियमों में आवश्यक संशोधन करेगी तथा देश के सभी राज्य निर्वाचन आयोगों की टेक्निकल इवैल्यूएशन कमिटी से वीवीपैट के तकनीकी विवरणों की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होगी, तभी भविष्य में इस विषय पर कोई निर्णय लिया जा सकेगा।
ये भी पढ़े: मालेगांव में सीवर योजना से हाहाकार: सड़कें बनीं गड्ढों का घर, 10 महीने बाद भी आयुक्त का वादा अधूरा
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में वीवीपैट की वैधानिक व्यवस्था
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के उपयोग को वर्ष 1989 में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में धारा 61A जोड़कर वैधानिक मान्यता दी गई थी। इसके बाद वर्ष 2013 में वीवीपैट के उपयोग हेतु कंडक्ट ऑफ इलेक्शन रूल्स, 1961 के नियम 49A से 49X तक आवश्यक संशोधन किए गए।
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा लोकसभा और विधानसभा चुनावों में ईवीएम और वीवीपैट का प्रयोग किया जाता है। इसके विपरीत, राज्य की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं की चुनाव प्रक्रिया उपरोक्त अधिनियमों के अंतर्गत संचालित होती है, जिनमें वीवीपैट के उपयोग को लेकर कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इसी कारण अब तक इन चुनावों में वीवीपैट का प्रयोग नहीं किया गया है।
