तुमसर में बाघ का तांडव, चुलतडोह में गाय का शिकार कर जंगल में भागा, ट्रैप कैमरे में कैद हुई ‘खौफ’ की तस्वीर
Tumsar Forest Division: तुमसर में बाघ की सक्रियता ने इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ा दिया। चुलतडोह में गाय के शिकार और खापा-हसारा मार्ग पर बाघिन व शावकों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना दिया।
- Written By: प्रिया जैस
तुमसर में बाघ का तांडव (सौजन्य-नवभारत)
Tiger Attack Bhandara: भंडारा जिले के तुमसर वनपरिक्षेत्र अंतर्गत चुलतडोह बीट के 19 पीएफ क्षेत्र में बाघ द्वारा एक गाय का शिकार किए जाने की घटना शनिवार (31) की सुबह सामने आई। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है और पशुपालकों में चिंता व्याप्त है।
घात लगाकर किया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चुलतडोह निवासी पशुपालक नथूलाल पारधी रोज़ की तरह अपनी गायों को चराने के लिए खेत परिसर में लेकर गए थे। इसी दौरान इलाके में घात लगाकर बैठे बाघ ने अचानक एक गाय पर हमला किया और उसे घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। घटना की सूचना पशुपालक ने तत्काल वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग का दल शुक्रवार (30) की शाम ही घटनास्थल पर पहुंच गया और एहतियात के तौर पर क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए गए।
ट्रैप कैमरे में बाघ की मौजूदगी पुष्टि
शनिवार सुबह ट्रैप कैमरों की फुटेज की जांच करने पर बाघ की स्पष्ट तस्वीरें सामने आईं। वनपरिक्षेत्र अधिकारी सी। जी। राहंगडाले तथा वनकर्मी वेदांत राठोड़ ने घटनास्थल पर पहुंचकर गाय के अवशेषों का पंचनामा किया। घटना के बाद क्षेत्र में बाघ की सक्रिय मौजूदगी की पुष्टि होने से किसान और ग्रामीण खेतों में अकेले जाने से कतरा रहे हैं। वनपरिक्षेत्र अधिकारी सी. जी. राहंगडाले ने नागरिकों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से जंगल क्षेत्र में न जाने की अपील की है।
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तुमसर सीमा पर दिखाई दी बाघिन एवं शावक
तुमसर शहर की सीमा से लगे खापा-हसारा मार्ग पर शनिवार को बाघ एवं उसके शावक दिखाई देने से परिसर में रहने वाले लोगों में दहशत निर्माण हुई है। दूसरी ओर जैसे ही यह खबर लोगो को होने पर सैकड़ों लोगों उस ओर दौड़ लगाई। जब बाघ जैसे वन्यजीव शहर की सीमा के करीब आते हैं, तो सुरक्षा एव कौतूहल के बीच की रेखा बहुत धुंधली हो जाती है।
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बाघिन एवं उसके शावक का साथ होना स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना देता है। मादा बाघ अपने शावकों की सुरक्षा को लेकर अत्यधिक आक्रामक हो सकती है, सैकड़ों लोगों का मौके पर पहुंचना न केवल इंसानों के लिए खतरनाक है, बल्कि वन्यजीवों को भी तनाव में डालता है, यदि बाघ घबराकर हमला कर दे, तो बड़ी जनहानि हो सकती है। वन विभाग द्वारा परिसर की घेराबंदी कर ‘क्रॉड कंट्रोल’ चाहिए। रात के समय परिसर के लोगों द्वारा अकेले निकलने से बचना चाहिए एवं पालतू जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर रखना चाहिए।
