सार्थक उईके और चंद्रपाल कुंभरे (सौजन्य-नवभारत)
Drowning Case Tumsar: तुमसर तहसील के रोंघा गांव में एक अत्यंत हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहां घर के आंगन में खेलते-खेलते लापता हुए दो मासूम मौसेरे भाइयों की खेत के तालाब में डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान चंद्रपाल रूपचंद कुंभरे (7, निवासी सावनेर) और सार्थक संजय उईके (6, निवासी मध्य प्रदेश, वर्तमान निवासी रोंघा) के रूप में हुई है।
मंगलवार, 31 मार्च की शाम से लापता इन बच्चों के शव बुधवार सुबह करीब 10 बजे पानी पर तैरते हुए पाए गए। चंद्रपाल और सार्थक दोनों सगी बहनों के बेटे थे और वर्तमान में रोंघा स्थित अपने नाना के घर रह रहे थे। मंगलवार शाम करीब 4 बजे दोनों आंगन में खेल रहे थे, तभी अचानक कहीं ओझल हो गए। काफी देर तक तलाश करने के बाद जब बच्चे नहीं मिले, तो परिजनों ने गोबरवाही पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
ग्रामीणों ने पूरी रात खेतों और आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन अंधेरे के कारण सफलता नहीं मिली। बुधवार सुबह जब दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया गया, तो गांव के पास स्थित एक तालाब के किनारे सार्थक के कपड़े दिखाई दिए।
गहराई से जांच करने पर दोनों मासूमों के शव पानी की सतह पर तैरते हुए मिले। इस खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया। गोबरवाही पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए तुमसर उपजिला अस्पताल भेज दिया।
घटनास्थल का पंचनामा करते समय कुछ मार्मिक तथ्य सामने आए हैं। वहां केवल सार्थक के कपड़े मिलने से पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि पहले सार्थक पानी में उतरा होगा और उसे डूबता देख चंद्रपाल उसे बचाने के लिए दौड़ा होगा। तालाब की कीचड़ वाली जगह पर बच्चों की ओर से बाहर निकलने के लिए किए गए संघर्ष के निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे थे, जिसे देख हर किसी का कलेजा मुंह को आ गया।
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मृत बच्चों की माएं, प्रेमलता कुंभरे और रत्नमाला उईके सगी बहनें हैं। पति के बाहर में व्यवसाय होने के कारण दोनों अपने मायके (रोंघा) में ही रह रही थीं। चंद्रपाल दूसरी कक्षा में पढ़ता था, जबकि सार्थक आंगनबाड़ी में था। आंखों के सामने खेलने वाले इकलौते बेटों की अचानक मौत से दोनों माताओं का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद शाम को गमगीन माहौल में दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने पूरे तुमसर तहसील को झकझोर कर रख दिया है।