तुमसर में महिलाओं का ‘घागर आक्रोश’: खाली मटके फोड़कर विरोध, नगराध्यक्ष के इस्तीफे की मांग
Tumsar News: तुमसर नगर परिषद परिसर में महिलाओं ने पानी संकट के खिलाफ घागर जनआक्रोश मोर्चा निकाला। नगरसेविका रोशनी भोंडेकर के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
Tumsar Water Crisis: भंडारा में पानी हमारा हक है, किसी के बाप का नहीं जैसे नारों से सोमवार को तुमसर नगर परिषद परिसर गूंज उठा। शहर में गहराते जलसंकट के विरोध में नगरसेविका रोशनी विवेक भोंडेकर के नेतृत्व में निकाले गए घागर जनआक्रोश मोर्चा ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया। सैकड़ों महिलाएं खाली घड़े लेकर नगर परिषद पहुंचीं और अपना आक्रोश जताया।
शहर में सुवर्ण जयंती जलापूर्ति योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर नई पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन खराब योजना और प्रबंधन के अभाव में कई इलाकों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वार्ड क्रमांक 3, आजाद वार्ड और बोरी रोड क्षेत्र के नागरिकों ने नलों में पानी नहीं आने की गंभीर शिकायत की है। नगरसेविका भोंडेकर द्वारा कई बार इस मुद्दे को सभाओं में उठाने के बावजूद समाधान नहीं होने से महिलाओं को सड़कों पर उतरना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान नगराध्यक्ष के कार्यालय में उनकी अनुपस्थिति से महिलाएं और आक्रोशित हो गईं। उन्होंने कार्यालय में घुसकर खाली कुर्सी को माला पहनाई और उस पर मटके रखकर विरोध जताया। इस दौरान रोशनी भोंडेकर ने मांग की कि यदि शहर की पानी समस्या हल नहीं हो रही है तो नगराध्यक्ष नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न दलों की महिला नगरसेविकाएं शामिल हुईं शीतल पेठे, रेखा चकोले, सोनिया धूर्वे और पूर्व नगराध्यक्ष गीता कोंडेवार सहित कई महिलाओं ने मोर्चे को समर्थन दिया।
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आंदोलनकारियों ने नया नल कनेक्शन शुल्क 2 हजार रुपये करने, स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत की मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।अधूरी जलापूर्ति योजना की जांच कराने का प्रयासनगराध्यक्ष सागर गभणे ने कहा कि जलापूर्ति योजना अभी अधूरी है और इसमें कई तकनीकी खामियां हैं।
पिछले दो महीनों से सामान्य सभा में इसकी जांच के लिए एसआईटी गठित करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन बहुमत के कारण प्रस्ताव पारित नहीं हो पा रहा। जांच होने पर योजना में हुए अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हो सकता है।
