मानसून में सांप दिखे तो घबराएं नहीं, वन विभाग की रैपिड रेस्क्यू टीम को दें सूचना

Tumsar Forest Department: तुमसर वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी सांप, घायल पक्षी या अन्य वन्यजीव को नुकसान न पहुंचाएं और न ही उसे पकड़ने का प्रयास करें।
tumsar forest department snake rescue monsoon awareness 2026
(Rapid Rescue Team सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Updated on

Tumsar Rapid Rescue Team: मानसून के मौसम में बारिश के कारण सांपों एवं अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास जलमग्न हो जाते हैं, जिससे वे भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में कई बार मानव बस्तियों की ओर आ जाते हैं। ऐसे में वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी सांप या जंगली जानवर को मारने अथवा पकड़ने का प्रयास बिल्कुल न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग की रैपिड रेस्क्यू टीम को इसकी सूचना दें।

वन परिक्षेत्र अधिकारी सी। जी। रहांगडाले ने बताया कि वन परिक्षेत्र तुमसर के अंतर्गत वन विभाग की ओर से प्रशिक्षित रैपिड रेस्क्यू टीम गठित की गई है, जो 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन लोगों की सहायता के लिए उपलब्ध है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंचकर सांप या वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ती है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी रहांगडाले की अपील

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में मुख्य रूप से केवल चार प्रजातियों के सांप अत्यधिक विषैले माने जाते हैं, जिनमें नाग, मन्यार, घोनस और फरसे शामिल हैं। इनके अलावा कुछ प्रजातियां अर्धविषैली होती हैं, जबकि अधिकांश सांप पूरी तरह से निर्विष होते हैं। जानकारी के अभाव, अंधविश्वास और फिल्मों में दिखाई जाने वाली गलत धारणाओं के कारण लोग अक्सर हानिरहित सांपों को भी मार देते हैं, जो पर्यावरण के लिए नुकसानदायक है।

वन परिक्षेत्र अधिकारी रहांगडाले ने कहा कि सांप प्राकृतिक खाद्य श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों की संख्या नियंत्रित कर किसानों के मित्र की भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

सांप और वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचाएं

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि किसी गांव या बस्ती में सांप, घायल पक्षी अथवा कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई दे, तो उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तुरंत वन विभाग की रैपिड रेस्क्यू टीम को सूचना दें। प्रशिक्षित बचाव दल सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर वन्यजीव को उसके प्राकृतिक वातावरण में छोड़ने की कार्रवाई करेगा। वन विभाग ने नागरिकों से मानसून के दौरान सतर्क रहने, अफवाहों और अंधविश्वास से बचने तथा वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।

Navbharat Live
navbharatlive.com